मोदी की यूक्रेन यात्रा ग्लोबल टाइम्स को रास नहीं आयी, UN महासचिव ने कहा, युद्ध समाप्त करने में मदद मिलेगी
85 करोड़ को मिल रहा अनाज, गरीबी बढ़ी
सुप्रियो ने कहा कि 2014 के पहले मात्र 22 करोड़ लोगों को अनाज दिया जाता था, जो आज 85 करोड़ हो गए. मतलब लोग गरीब होते चले गए और भाजपा के लोग रोजगार-रोजगार चिल्ला रहे हैं. उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में हमारी सरकार ने सरकारी क्षेत्र में रोजगार के साथ-साथ गैर सरकारी क्षेत्रों में नियोजन पर भी ध्यान दिया.हमारी सरकार ने रोजगार को बढ़ावा दिया
मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना, मुख्यमंत्री समृद्धि योजना, फूलो-झानो आर्शीवाद योजना के साथ शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया. बेटे-बेटियों की शिक्षा के लिए कई योजनाएं लायीं. जो सामाजिक सुरक्षा योजना जैसे मुख्यमंत्री मईंया योजना, यूनिवर्सल पेंशन स्कीम ये तमाम चीजें को करने में दिक्कतें आयीं, मगर फिर हम कभी अपने दायित्व से पीछे नहीं हटे. एक-एक मुहल्ले, पंचायत में मंत्री, अधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक ट्रैक्टर में बैठ कर गांवों तक पहुंचे.झारखंडी अधिकार मार्च हमारे हक की लड़ाई
भट्टाचार्य ने कहा कि खनिज संपदा पर रॉयल्टी का एक लाख, 36 हजार करोड़ रुपये केंद्र के पास बकाया है. आदिवासियों के अस्तित्व के लिए सरना धर्म कोड को लागू कराना जरूरी है. 2019 में मिले जनमत के बाद जिस तरीके से भाजपा द्वारा सरकार को अस्थिर करने की लगातार साजिश चल रही है. इन सभी मुद्दों पर झारखंडी हक, अधिकार एवं मान-सम्मान के लिए झामुमो ने झारखंडी अधिकार मार्च शुरू किया है.राजनीतिक कार्यक्रम की अनुमति ली थी, मगर पहुंच गए उपद्रवी
विपक्षी दल ने प्रशासन को जानकारी दी थी कि भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा लोकतांत्रित तरीके से एक राजनीतिक कार्यक्रम मोरहाबादी मैदान में किया जाएगा. इसकी अनुमति भी मिली, मगर पुलिस पर पत्थरों से हमले हुए, कई पुलिस कर्मी भी घायल हुए. इसके बावजूद पुलिस के संयम के कारण बड़ा हादसा टल गया. सभा स्थल पर कोई बेरेगेंडिग नहीं की गयी थी. मुख्यमंत्री निवास के इर्द-गिर्द जहां निषेधाज्ञा थी. वहां पर पहुंचना उचित नहीं था. भाजपा की रैली में कार्यकर्ता कम और उपद्रवी ज्यादा थे. उनके हाथ में कटर, गुलेल, पत्थर, लाठी-डंडे थे.रघुवर सरकार ने अनुबंध कर्मी नियुक्ति का घोटाला किया, हमने किसी को नहीं हटाया
भट्टाचार्य ने कहा कि पिछली रघुवर सरकार ने अपने कार्यकाल के पांच सालों में जो सबसे बड़ा मानव संसाधन के साथ घोटाला हुआ. जो था अनुबंध कर्मियों का. चाहे वह सहायक पुलिस कर्मी हो या फिर सरकार के विभिन्न अंगों के नियुक्तियां की गयी. उसको इस प्रकार से किया गया कि जैसे हेमंत सोरेन का कार्यकाल शुरू हुआ, दो साल में उनका अनुबंध समाप्त हो गया. मगर हमने किसी को नहीं हटाया, वैकल्पिक रास्ते तलाशे किए गए. इस कमीटमेंट के साथ हमारी सरकार आगे बढ़ रही है.2022 के बाद पीएम आवास का नहीं मिला पैसा, तब शुरू किया अबुआ आवास
केंद्र सरकार में यहां के मंत्री को बताना पड़ेगा. उन्हें बताना पड़ेगा कि हमारा बकाया कब आएगा. हमारे यहां तक आवास योजना को रोकने का काम किया गया. 2022 के बाद एक पैसा नहीं आया. इसके बाद हमारी सरकार ने अपने दम पर अबुआ आवास योजना से लाखों लोगो करने का काम किया जा रहा है.कार्यक्रम की तैयारी का हालत देखकर प्रभारी और सह प्रभारी शामिल नहीं हुए
भट्टाचार्य ने कहा कि उनके चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान रांची आए तो असलियत देखा, लाखों की जगह हजार दिखे, उन्हें खबर मिला तो मुंह छुपाकर पटना चले गए. सच्चाई समझ में आ गया है हेमंत सोरेन की लोकप्रियता का. असम से बार-बार उड़कर आते थे, अब उनका भी उड़ना बंद हो गया. प्रभारी जो को समझ में आ गया कि यदि इस रैली में हम रहेंगे तो किसानों का, एमएसपी का सवाल उठाया जाएगा. इसलिए यहां से केंद्रीय कृषि मंत्री भाग गए. रांची केवल विश्राम के लिए आते हैं. इसे भी पढ़ें -रांची">https://lagatar.in/adult-bcg-vaccination-program-launched-in-ranchi-civil-surgeon-took-the-first-dose/">रांचीमें एडल्ट बीसीजी वैक्सीनेशन प्रोग्राम का शुभारंभ, सिविल सर्जन ने लिया पहला डोज [wpse_comments_template]
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