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आपातकाल की बरसी को काला दिवस के रूप में मनायेगी बीजेपी, 25 जून हर जिले में गोष्ठी

Ranchi : 25 जून को बीजेपी आपातकाल की बरसी को काला दिवस के रूप में मनाएगी. झारखंड के सभी जिलों में आपातकाल पर गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जहां लोगों को बताया जाएगा कि आपातकाल के दौरान जनता पर क्या-क्या जुल्म हुए थे. इन गोष्ठियों में प्रदेश स्तर के पदाधिकारी शामिल होंगे. विधायक सीपी सिंह ने प्रदेश बीजेपी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को यह बताना जरूरी है कि देश में आपतकाल क्यों लगा, किसने आपातकाल लगाया.

आपातकाल के दौरान कौन-कौन से गैरकानूनी काम हुए

सीपी सिंह ने कहा कि इलाहाबाद हाइकोर्ट का फैसला इंदिरा गांधी के खिलाफ आने पर देश में 25 जून 1975 को आपातकाल लगाया गया था. इस दौरान विपक्ष (जनसंघ) के सभी बड़े नेताओं को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था. अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, चौधरी चरण सिंह, मोरारजी देसाई, चंद्रशेखर समेत सभी बड़े नेता जेल में थे. अखबारों पर भी सेंसरशिप लग गई थी. इस दौरान पूरे देश में डर का माहौल पैदा हो गया था. बड़े-बड़े लोग सरकार के बारे में कुछ भी बोलने से डर रहे थे. सीपी सिंह ने आपातकाल की यादों को साझा करते हुए बताया कि उस दौर में जनसंघ की ओर से लोकवाणी छपती थी. उस वक्त वे छात्र थे. 26 जनवरी 1976 को पत्रिका बांटते हुए उन्हें रांची के रेडियम रोड से गिरफ्तार कर लिया गया और जेल भेज दिया गया था. उस पत्रिका का शीर्षक था ‘स्वतंत्रता का मूल्य प्राण है, देखो कौन चुकाता है’. उन्होंने कहा कि कांग्रेस मोदी सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाती है, जबकि आपातकाल के दौरान और उसके बाद भी कांग्रेस ने संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया. बीजेपी तो संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करती है. इसे भी पढ़ें : जल्‍द">https://lagatar.in/jhiris-appearance-will-change-soon-biogas-will-be-made-from-waste-cm-had-said-this/">जल्‍द

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