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भाजपा का EVM पर टेप लगाने का आरोप, EC ने कहा, टेपवाले बूथों पर पुनर्मतदान करायेंगे,  बोले सुवेंदु, यह TMC technique

Kolkata : पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण में 142 विधानसभा सीटों के लिए मतदान जारी है. . कई जगहों पर हिंसा और झड़प की खबरों के बीच एक अनोखी खबर सामने आयी है. कई बूथों में ईवीएम पर टेप लगा दिये जाने का आरोप भाजपा ने लगाया है. इस कारण भाजपा उम्मीदवारों के नाम छिप गये है.

 

 

 
भाजपा नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम पर टेप लगा दिये गये हैं, जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ऐसे बूथों पर फिर से मतदान कराने के आदेश दे दिये हैं.

 

 

 
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि जिन मतदान केंद्रों पर ईवीएम के ऊपर काला या सफेद टेप पाया गया है, वहां पुनर्मतदान कराया जायेगा.

 


यह भी कहा है कि यदि किसी विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में बूथों से इस तरह टेप मिलने की खबर सामने आयेगी तो   विधानसभा क्षेत्र में  पुनर्मतदान कराया जायेगा.

 


दरअसल दक्षिण 24 परगना के फाल्टा विधानसभा के 177 नंबर बूथ पर भाजपा के बटन पर टेप लगाने का आरोप भाजपा उम्मीदवार देबांशु पांडा ने लगाया था. बता दें कि देबांशु पांडा फाल्टा निर्वाचन क्षेत्र के विभिन्न इलाकों का जायजा ले रहे थे.  

 


आरोप है कि देबांशु को EVM का निरीक्षण करने की अनुमति नहीं दी गयी. बता दें कि फाल्टा टीएमसी नेता जहांगीर खान का क्षेत्र है.  यहां के बेलसिंघा स्थित 186 नंबर के पोलिंग बूथ के 100 मीटर के दायरे में लोगों की भीड़ जमा हो गयी थी. इसके बाद भीड़ को हटाने के लिए सुरक्षा बलों के जवानों ने  भीड.पर लाठीचार्ज किया.  

 

 

फाल्टा में EVM पर टेप लगाने की घटना को लेकर सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि हम मॉनिटर कर रहे हैं चुनाव आयोग ने भी इस पर संज्ञान लिया है. सुवेंदु ने गृह मंत्री शाह को दी इस घटना की जानकारी दी है. 

 


सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि  गृह मंत्री अमित शाह  द्वारा  फोन किये जाने पर मैंने उन्हें फाल्टा घटना के बारे में बताया. सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि यह टीएमसी का तरीका है.  

 


जान लें कि चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में प्रथम चरण की वोटिंग से पूर्व निर्देश जारी किया था कि पीठासीन अधिकारी मतदान शुरू होने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि ईवीएम पर सभी उम्मीदवारों के नाम स्पष्ट रूप से नजर आयें. 

 


 सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग नेपीठासीन अधिकारियों को निर्देश जारी किये थे कि किसी भी उम्मीदवार के बटन को टेप, गोंद या किसी अन्य सामग्री से कवर नहीं किया गया हो, वोटिंग की शुरुआत से पहले यह सुनिश्चित कर लें.  

 


यह भी देख  लें कि उम्मीदवार के बटन पर कोई रंग या स्याही या इत्र या अन्य रसायन नहीं लगा हुआ हो.  यदि ऐसा हो तो पीठासीन अधिकारी तुरंत  सेक्टर अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी को सूचित करे. 

 

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