में स्किल यूनिवर्सिटी और अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी खुलने का रास्ता साफ [caption id="attachment_423831" align="alignnone" width="600"]
alt="" width="600" height="400" /> भाजपा के हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह[/caption]
कांग्रेस से अलग होकर बनाई थी पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी
बीते विधानसभा चुनाव में कैप्टन ने कांग्रेस से किनारा कर पंजाब लोक कांग्रेस का गठन कर पंजाब में भाजपा के साथ गठबंधन किया था. उस समय उनके बेटे रणइंद्र सिंह ने ही भाजपा के साथ तालमेल कर टिकटों की बंटवारे में अहम भूमिका अदा की थी, लेकिन पंजाब में आप की आंधी में कैप्टन की पार्टी उड़ गई और भाजपा हाशिये पर चली गई. पंजाब में भाजपा जगह बनाने में जुटी है. इसको लेकर पार्टी को एक मजबूत सिख चेहरे की तलाश थी. अमरिंदर सिंह एक मजबूत चेहरा हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके अच्छे व्यक्तिगत संबंध भी हैं. हालांकि भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी क्या भूमिका रहेगी, इस पर संशय है. भाजपा 75 से ऊपर के नेताओं को टिकट नहीं देती है और कैप्टन इस समय 80 साल के हैं. ऐसे में कैप्टन की डगर थोड़ी मुश्किल हो सकती है. हालांकि बेटी जय इंदर कौर उनका राजनीतिक काम संभालती हैं. कयास लगाया जा रहा है कि भाजपा में उनकी बेटी को भी कोई महत्वपूर्ण भूमिका मिल सकती है. इसे भी पढ़ें- राज्य">https://lagatar.in/sisters-and-daughters-are-being-robbed-in-the-state-and-the-government-is-silent-bjp/">राज्यमें बहन-बेटियों की आबरू लूटी जा रही और सरकार है मौन- भाजपा [wpse_comments_template]
















































































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