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भाजपा का ऑपरेशन संथाल : सीता के बाद अब लोबिन हेंब्रम हैं निशाने पर

  • राजमहल से विजय हांसदा को पार्टी ने प्रत्याशी बनाया, तो झामुमो छोड़ सकते हैं लोबिन
  • सीता के पाला बदलने के बाद नफा-नुकसान आंकने व डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं झामुमो के रणनीतिकार
Kaushal Anand Ranchi : भाजपा का ऑपरेशन झामुमो और संथाल मिशन अभी खत्म नहीं हुआ है. झामुमो और गुरुजी परिवार में बड़ी सेंधमारी के बाद अब भाजपा की नजर पार्टी के बागी विधायक और संथाल के कद्दावार नेता लोबिन हेंब्रम पर है. लोबिन भाजपा के निशाने पर हैं. भाजपा फूंक-फूंक कर कदम रख रही है. लोबिन को लेकर भाजपा वेट एंड वॉच की मुद्रा में है. झामुमो की ओर से जो संकेत मिल रहे हैं, उससे लगता है कि वह पार्टी छोड़ सकते हैं. मगर लोबिन हेंब्रम उस समय तक इंतजार करेंगे, जब तक झामुमो की ओर से राजमहल सीट से प्रत्याशी की घोषणा नहीं हो जाती है. मिली जानकारी के अनुसार, जैसे ही झामुमो राजमहल से अपने सिटिंग एमपी विजय हांसदा को प्रत्याशी घोषित करेगा, लोबिन पार्टी छोड़ सकते हैं. इसके बाद ही भाजपा लोबिन को अपने पाले में लाने का प्रयास तेज करेगी. हालांकि भाजपा ने राजमहल से ताला मरांडी को प्रत्याशी बनाया है. क्या भाजपा लोबिन को अपने खेमे में करके राजमहल से प्रत्याशी बदल पाएगी, यह भी देखने वाली बात होगी.

लोबिन झापा से भी संपर्क में, झापा दे चुकी है पार्टी में आने का ऑफर

लोबिन पर नजर केवल भाजपा की नहीं है, बल्कि झापा के दो रणनीतिकार कार्यकारी अध्यक्ष अजीत कुमार और महासचिव अशोक भगत भी लोबिन के संपर्क में हैं. कुछ दिन पूर्व दोनों नेताओं ने प्रेस वार्ता कर लोबिन को अपनी पार्टी में शामिल होना न्योता दिया था. कहा था कि एक झारखंड आंदोलनकारी और जल, जंगल, जमीन को लेकर मुखर रहे नेता को झामुमो लगातार अपमानित व उपेक्षित कर रहा है. चूंकि झापा के राजनीति का केंद्र बिंदु भी यही रहा है, इसलिए लोबिन जी झापा में आ जाएं.

सुनील सोरेन का टिकट बैक हुआ, तो थाम सकते हैं झामुमो का दामन

सीता सोरेन के भाजपा में जाने के बाद संथालपरगना हॉट केक बन गया है. ऐसी बातें सामने आ रही हैं कि भाजपा उसे अपने सिटिंग एमपी सुनील सोरेन का टिकट बैक कर सीता सोरेन को उतार सकती है. ऐसा करना भाजपा के लिए भी आसान नहीं होगा. कहीं भाजपा के लिए यह निर्णय आत्मघाती न हो जाए, क्योंकि सुनील सोरेन इतनी आसानी से इस अपमान को सहन नहीं कर पाएंगे. ऐसा हुआ तो सुनील सोरेन भी पाला बदल कर झामुमो के खेमे आ सकते हैं. राजनीतिक गलियारे में इसकी भी चर्चा जोर-शोर से हो रही है.

झामुमो सीता को लेकर डैमेज कंट्रोल में जुटा

सीता सोरेन के पार्टी छोड़ने के बाद अब झामुमो इसके नफा-नुकसान का आकलन करने के साथ ही साथ डैमेज कंट्रोल में जुट गया है. आनेवाले दिनों में सीता सोरेन का विकल्प तलाशने और उनके पाला बदलने से पार्टी पर जो असर पड़ा है, उसे कम करने के लिए कई रणनीति पर एक साथ काम कर रहा है. झामुमो सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आनेवाले दिनों में कई चौंकानेवाले निर्णय सामने आ सकते हैं. संभावना है कि भाजपा के भी कई बड़े नेता झामुमो में शामिल हो सकते हैं. इसे भी पढ़ें : भाजपा">https://lagatar.in/bjp-sacrificed-5-of-its-leaders-for-imports-now-it-is-the-turn-of-the-sixth/">भाजपा

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