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कोलियरी की काली डस्ट फैला रही बीमारियां

 
  • जमीन की उर्वरकता भी खतरा में, मानव के लिए भी घातक- कई कोलियरी से सेटिंग-गेटिंग कर ईंट भट्ठा संचालक मंगवाते हैं कोल डस्ट
  • महीनों तक जमीन पर पड़ी रहती है डस्ट, हटने के बाद भी पौधे नहीं उग पाते
Ranjit Kumar Singh Dhanbad : धनबाद में ईंट भट्ठों का संचालन करने वाले न सिर्फ यहां की जमीन बल्कि यहां के रहने वालों को भी गंभीर बीमारियों की सौगात दे रहे हैं. कोलियरी की काली डस्ट से पूरे इलाके को खतरनाक स्तर तक प्रदूषित करने में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं. ये डस्ट न सिर्फ आदमी बल्कि पूरे पर्यावरण के लिए भी बेहद खतरनाक है. इन बातों के बावजूद भी इनके धंधे को रोकने की ईमादार पहल नहीं की जा रही है. झरिया कोयलांचल में सबसे ज्यादा अवैध ईंट के भट्ठे बोर्रागढ़ ओपी में हैं, यहां करीब दो दर्जन से अधिक भट्ठे संचालित हो रहे हैं. इन भट्ठों को चलाने वाले आसपास की कोलियरियों से संपर्क कर किसी तरह वहां के डस्ट को मंगवा लेते हैं. इन डस्ट का प्रयोग ईंट भट्ठों में बतौर इंधन किया जाता है. ईंटे पकाने का काम इन काली डस्ट के माध्यम से किया जाता है.

इन कोलियरियों से मंगवाई जाती है डस्ट

झरिया के इंडस्ट्र, राजापुर कोलियरी, दोबारी खाद, लोदना और बरारी की कोलियरियों से काली डस्ट मंगवाई जाती है. इन कोलियरियों से कोल डस्ट सेटिंग-गेटिंग कर मंगवाई जाती है. ट्रैक्टर से खुले में लाद कर डस्ट को अवैध भट्ठों तक पहुंचाया जाता है. हैरान करने वाली बात ये है कि इन डस्ट को लाने के क्रम में ट्रैक्टर को कई थानों से गुजरना पड़ता है. ट्रैक्टर में बगैर किसी चीज से कवर किए ही ये डस्ट विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुजरता हुआ भट्ठे तक पहुंच जाता है. महीनों तक जमीन पर पड़ा रहता है. इस कारण यहां की जमीन भी खराब हो जाती है. ऐसे में डस्ट के हटने के बाद भी उक्त जमीन पर काफी दिनों तक कोई भी पौधा नहीं उग पाता है.

भट्ठा संचालकों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई : अहमद

पर्यावरण संरक्षण पर काम करने वाली संस्था यूथ कॉन्सेपट के संयोजक अखलाक अहमद ने कहा कि ईंट भट्ठों का संचालन पूरी तरह से अवैध है. लेकिन जिम्मेवारों की निगाह इस पर नहीं पड़ती है. ये भट्ठे पर्यावरण के साथ-साथ मानव जीवन के लिए भी खतरनाक हैं. झरिया क्षेत्र के लोग बीसीसीएल के रवैये के कारण बीमार हो रहे हैं, लेकिन ये भटठे स्वास्थ्य के लिए भी काफी हानिकारक हैं. ऐसे में प्रशासन से मांग है कि इन अवैध भट्ठों के संचालन को बंद किया जाए और इनके संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर इन्हें जेल भेजा जाए. इसे भी पढ़ें : सिंहभूम">https://lagatar.in/joba-manjhi-showed-strength-after-nomination-in-singhbhum/">सिंहभूम

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