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कालाबाजारीः हर माह 38 करोड़ का राशन गटक रहे पीडीएस डीलर

  • राज्य खाद्य आयोग को कम राशन से संबंधित 332 शिकायतें जून में मिलीं
  • कुल राशन कार्ड(प्राथमिकता PHH, ग्रीन राशन कार्ड, अंत्योदय योजना कार्ड) 64 लाख 59 हजार 852
  • लाभुकों के औसतन प्रति कार्ड 2-3 किलो राशन गटक रहे डीलर
Pravin Kumar Ranchi: राज्यभर में पीडीएस डीलरों द्वारा लाभुकों को कम राशन दिए जाने की शिकायत राज्य खाद्य आयोग लगातार">http://lagatar.in">लगातार

मिल रही है. डीलर प्रति राशन कार्ड पर 1-3 किलो तक राशन की कटौती कर रहे हैं. 15 जुलाई को पश्चिमी सिंहभूम के खूंटपानी प्रखंड के कई गांवों के सैंकड़ों राशन कार्डधारियों ने प्रखंड का घेराव किया था. ग्रामीणों का कहना था कि उन्हें नियमित रूप से पूरी मात्रा में राशन नहीं मिल रहा है. उस दौरान पीएचएच (प्राथमिक राशन कार्ड) कार्डधारियों ने कहा था कि देय राशन से साढ़े तीन से चार किलो प्रति व्यक्ति डीलर कटौती कर रहे हैं. वहीं अंत्योदय कार्डधारियों से 2-3 किलो प्रति कार्ड राशन कटौती की जा रही है. यह स्थिति राज्य में एक समान है. राज्य में पीएचएच यानि प्राथमिक राशन कार्ड की संख्या 5075758 है. जबकि अंत्योदय अन्न योजना के कार्डधारियों की संख्या 897614 व ग्रीन राशन कार्डधारी परिवारों की संख्या 486480 है. इस तरह कुल राशन कार्ड की संख्या 64 लाख 59 हजार 852 है. प्रति कार्ड से अगर 2 किलो भी राशन की कटौती कर ली जाती है तो ये कटौती 12919704 किलो प्रतिमाह हो जाता है. अगर 30 रुपये प्रति किलो कटौती किए गए राशन का मूल्य 38 करोड़ 75 लाख, 91 हजार 120 रुपये हो जाता है. जिसका सीधा अर्थ है कि राज्य में गरीबों के राशन की कालाबाजारी हो रही है.

राज्य खाद्य आयोग को जून में ही मिली 332 शिकायतें

कम राशन दिए जाने के मामले में राज्य खाद्य आयोग को मिली शिकायत में गुमला 1, खूंटी से 2, लोहरदगा 5 , साहिबगंज,सिमडेगा से 3-3, सरायकेला खरसावां 6, देवघर 29, लातेहार 12, पाकुड़ 7, दुमका 5, जामताड़ 7 , गिरिडीह 40, रांची 24, गढ़वा 29, वेस्ट सिंहभूम 10, गोडडा 17,हजारीबाग 16 , बोकारो 24, ईस्ट सिंहभूम 19 , कोडरमा 3, रामगढ़ 10 ,चतरा 11, पलामू 31, धनबाद से 19 शिकायत दर्ज कराया गया.

क्या बोलते हैं राशन कार्ड के आंकड़े

प्राथमिकता (PHH) राशन कार्डधारियों की संख्या - 5075758 प्राथमिकता(PHH) राशनकार्ड में कुल परिवार के सदस्यों की संख्या - 22885071 अंत्योदय अन्न योजना कार्ड -  897614 अंत्योदय अन्न योजना कार्ड वाले कुल परिवारों के सदस्यों की संख्या - 3540314 ग्रीन राशन कार्ड - 486480 ग्रीन राशन कार्ड वाले परिवार के कुल सदस्यों की संख्या -  1462174 राज्य के कुल राशनकार्डधारों की संख्या -  64 लाख 59 हजार 852 प्राथमिकता घरेलू (पीएचएच) राशन कार्ड : राज्य में कुल 5075758 पीएचएच राशन कार्डधारी हैं. यह कार्ड उन परिवारों को जारी किया जाता है, जो राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं. जिसके पास प्राथमिकता वाला राशन कार्ड है, वह प्रति सदस्य प्रति माह 5 किलोग्राम खाद्यान्न के हकदार हैं.  ऐसे लाभुकों  को 1 रुपये किलो राशन मूल्य चुकाना होता है. अंत्योदय अन्न योजना कार्ड : इस तरह का राशनकार्ड समाज के सबसे गरीब वर्ग को जारी किया जाता है. जिसमें 35 किलो खाद्यान्न 35 रुपये में दिया जाता है. डाकिया योजना अंत्योदय अन्न योजना का ही हिस्सा है. डाकिया योजना के तहत 35 किलो अनाज आदिम जनजातियों को मुफ्त दिया जाता है. ग्रीन राशन कार्ड योजना : ये योजना साल 2021 में शुरू किया गया. जिसके अंतर्गत देश के गरीब परिवारों के प्रति सदस्यों को पांच किलो अनाज दिया जाता है. उन्हें यह अनाज केवल 1 रुपये किलो की दर से दिये जाते हैं.

खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता विभाग के लिए बड़ी चुनौती

राज्य गठन के बाद भी सरकारी राशन की कालाबाजारी पर विराम नहीं लग पा रहा है. खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता विभाग के लिए कालाबाजारी को रोकना हमेशा से बड़ी चुनौती रही है. आज भी कार्डधारियों को कम राशन मिलने की शिकायत लाभुक करते रहते हैं. लेकिन विभाग कालाबाजारी पर अंकुश लगाने में फिसड्डी साबित होता आ रहा है. इसके पीछे की बड़ी वजह राशन वितरण की मॉनिटरिंग नहीं होना है. जिसका नतीजा है कि डीलरों की मनमानी जारी है.

राशन वितरण में अनियमितता दूर करने पर विभाग की नई पहल

राशन वितरण में अनियमितता को दूर करने के लिये विभागीय स्तर पर कई पहल पूर्व में भी किये गये हैं. जिसके तहत सभी जन वितरण प्रणाली की दुकानों में ई-पॉश मशीन और वेइंग मशीन को जोड़ने का काम, बिल पर्ची लाभुकों को देने के निर्देश जैसे कदम उठाये गये हैं. लेकिन इसका भी परिणाम सिफर ही रहा. इसके बाद विभाग ने जन वितरण प्रणाली की दुकानों में मिलने वाली सामग्री के लिये अलग-अलग प्रविष्ठियां (अंगूठा लगाना) दर्ज करने का भी आदेश दिया गया है. जैसे एक बार अंगूठा लगाने पर लाभुकों को चावल व गेहूं मिलेगा. वहीं जन वितरण प्रणाली में मिलने वाली अन्य समाग्रियों के लिये अलग से अंगूठा लगाना होगा. इस पूरी प्रक्रिया की विभागीय स्तर पर मॉनिटरिंग भी की जा रही है. विभाग की इस पहल से राशन डीलर परेशान हैं. डीलर अब विभाग से कमीशन की राशि बढ़ाने का दबाव बना रहे हैं.

राशन लेने के लिए क्या थी पहले व्यवस्था

लाभुकों को जन वितरण प्रणाली से राशन लेने से पहले पॉश मशीन में अंगूठा लगाना होता था. डीलर के द्वारा एक बार प्रविष्ठियां दर्ज कर लेने पर चावल, गेहूं, किरोसिन तेल, नमक दिया जाता था. इस पुरानी व्यवस्था में शिकायतें मिल रही थी कि डीलर चावल, गेहूं तो देते थे. लेकिन उसमें अन्य सामग्रियों को भी दर्ज कर लेते थे.

क्या है नई व्यवस्था

अब जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों को चावल, गेहूं देने पर पॉश मशीन में अलग से प्रविष्ठियों को दर्ज करना होगा. हर सामग्री के लिये लाभुकों को अलग से अंगूठा लगाना होगा.

क्या कहती हैं राज्य खाद्य आयोग की सदस्य शबनम परवीन

इस बारे में राज्य खाद्य आयोग की सदस्य शबनम परवीन ने कहा, आयोग को राज्यभर से कम राशन दिए जाने की शिकायतें बड़ी संख्या में मिल रही हैं. इसमें  जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए जाते रहे हैं, लेकिन मामला थम नहीं रहा है. परवीन ने बताया कि सोमवार (18 जुलाई ) को भी पलामू में खाद्य आयोग के द्वारा जन सुनवाई की गयी. यह मामला भी कम राशन दिए जाने का था. वहीं राइट टू फूड के संयोजक अशर्फी नंद प्रसाद का कहना है कि संथाल परगना से लेकर पलामू तक लाभुकों को कम राशन दिया जा रहा है. पिछले 4 महीने से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का मुफ्त राशन लाभुकों को नहीं दिया गया है. झारखंड में लंबे समय से राशन की कालाबाजारी चल रही है. राज्य में गरीबों को सही मात्रा में अनाज नहीं मिल रहा हा. लेकिन विभाग के स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. [wpse_comments_template]  

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