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बोर्ड-निगम बंटवारे का खाका तैयार, ईद बाद नोटिफिकेशन संभव

  • सीएम की ओर तैयार किया गया है 60:30:10 का समीकरण, मगर कांग्रेस का दावा : 60:40
  • Kaushal Anand
Ranchi : बहुप्रतीक्षित बोर्ड-निगम बंटवारे का खाका मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा तैयार कर लिया गया है. नाम भी करीब-करीब तैयार हो चुके हैं. ईद के बाद यानी की इसी महीने के अंत तक इसको लेकर बारी-बारी से नोटिफिकेशन जारी की जा सकती है. सीएम के द्वारा तैयार फर्मूले के अनुसार यह बंटावारा 60:30:10 के आधार पर होगा. मगर कांग्रेस के द्वारा दावा किया जा रहा है कि यह फर्मूला 60:40 के आधार पर तय हुआ है. मुख्यमंत्री एवं झामुमो के अनुसार रिक्त पड़े बोर्ड निगम में 60 प्रतिशत झामुमो, 40 प्रतिशत कांग्रेस और 10 प्रतिशत राजद के हिस्से जाएगा. मगर कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह फर्मूला 60:40 का है. यानी कि 60 प्रतिशत झामुमो और 40 प्रतिशत कांग्रेस. अब नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही पता चल पाएगा कि किसकी दावेदारी और फर्मूला में कितनी सच्चाई है. मगर इतना तय है कि बोर्ड-निगम के नोटिफिशन के बाद यूपीए गठबंधन में गांठ पड़ सकती है. नया विवाद पैदा हो सकता है.

कांग्रेस से किसका नाम, प्रभारी ने बंद लिफाफा सीएम को सौंप दिया है

कांग्रेस की ओर बोर्ड निगम में कौन काबिज होगा. यह तय करके झारखंड प्रभारी अविनाश पांडेय ने बंद लिफाफा में सीएम हेमंत सोरेन को सौंप चुके हैं. इसलिए यह कहना मुश्किल है कि कांग्रेस की ओर से कौन-कौन होगा. इसके पहले विधायक दल नेता आलमगीर आलम और प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर के द्वारा तैयार की गयी सूची प्रभारी अविनाश पांडेय को सौंपा गया था. मगर बाद में पांडेय ने इसमें कई तरह के बदलाव करके इसका एप्रुवल भी नेतृत्व से लिया और इसकी सूची सीएम को सौंप दी. वैसे कांग्रेस में एक अनार सौ बीमार वाली कहानी हो गयी है. बोर्ड-निगम के घोषणा के बाद कांग्रेस के भीतरखाने भी विवाद शुरू होने की प्रबल संभवना है.

इन बोर्ड-निगम पर दावा कर रही है कांग्रेस

कांग्रेस खेमे से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस ने 11 बोर्ड निगम पर अपने दावेदारी प्रस्तुत किया है. जिसमें आवास बोर्ड, खादी बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग, महिला आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग आदि शामिल है. कांग्रेस भले ही दावा कर रही हो, मगर लगता नहीं है कि झामुमो इन बड़े बोर्ड-निगम और आयोग कांग्रेस को दे दे. महिला आयोग में झामुमो का कब्जा रहा है. महुआ माजी इसकी चेयरमैन रही हैं, ऐसे में लगता नहीं है कि इतना अहम आयोग कांग्रेस के हिस्से जाए.

राजद को मिलेगी हिस्सेदारी या नहीं, यह अहम होगी

एक विधायक वाली पार्टी राजद सरकार में का अहम प्री-पोल एलांयस पार्टनर है. एक मात्र विधायक सत्यानंद भोक्ता सरकार में मंत्री भी हैं. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बोर्ड-निगम बंटवारे में राजद को हिस्सेदारी मिलती है या नहीं. जब अंतिम बार तेजस्वी यादव रांची आए तो थे तो उनकी सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात हुई थी. इस मुलाकात में तेजस्वी यादव ने बोर्ड-निगम में राजद के उचित सम्मान देने की बातें सीएम से की थी. इसलिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए राजद को नजरअंदाज करना इतना आसान नहीं होगा.

ये बोर्ड -निगम हैं रिक्त जिसमें होना है मनोनयन

युवा आयोग, महिला आयोग, अल्पसंख्यक आयोग, राज्य पिछड़ा आयोग, खादी बोर्ड, माटी कला बोर्ड, झारखंड राज्य खनिज विकास निगम, राज्य प्रदूषण पर्षद, सूचना आयुक्त सहित कई बोर्ड-निगम एवं आयोग में अध्यक्ष समेत सदस्यों के पद रिक्त हैं.

जेएमएम और कांग्रेस के बाजार में राजद को कुछ नहीं मिलने वाला है : राजद

बोर्ड निगम के बंटवारे को लेकर झारखंड राजद के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं. पार्टी चुनावी मोड में आ गयी हैं. बोर्ड निगम के सवाल पर कहा कि जेएमएम और कांग्रेस के बाजार में राजद को कुछ नहीं मिलने वाला है. हम अपनी ताकत का एहसास सही वक्त पर कराएंगे. इसे भी पढ़ें – वामदलों">https://lagatar.in/left-parties-meeting-concluded-state-level-conference-to-be-held-on-may-20/">वामदलों

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