New Delhi : 40 साल बाद बोफोर्स केस बंद हो गया. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी. इसी घोटाले के आरोप में 1989 का चुनाव राजीव गांधी हार गए थे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब 2005 केस ख़त्म हो चुका है, सीबीआई की अपील भी ख़ारिज हो चुकी है, इस स्थिति में अब बचा ही क्या है, जिस पर सुनवाई की जाये.
जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने एडवोकेट अजय के अग्रवाल की अपील सुनने से मना कर दिया. जानकारी के अनुसार उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के 2005 के फैसले को चुनौती दी थी.
उस फैसले में दिल्ली हाई कोर्ट ने हिंदूजा बंधुओं और स्वीडन की हथियार बनाने वाली कंपनी एबी बोफोर्स को आरोपों से बरी कर दिया था. पीठ ने यह बात साफ कर दी कि जब दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा पहले ही सभी आरोप रद्द किये जा चुके हैं, सीबीआई की अर्जी भी खारिज हो चुकी है, तो इस केस को आगे जारी रखने की कोई वजह नहीं है.
31 मई 2005 को दिल्ली हाई कोर्ट ने हिंदूजा भाइयों और बोफोर्स कंपनी को आरोपों से बरी करते हुए सीबीआई जांच की आलोचना भी की थी. सीबीआई जांचलगभग 250 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2018 में सीबीआई की याचिका को खारिज कर दी थी. इसका कारण था याचिका दायर करने में 4,522 दिनों की देर की गयी थी.
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