Bokaro : बोकारो एवं धनबाद जिले में भोजपुरी-मगही को क्षेत्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने के खिलाफ आजसू ने 7 मार्च को राजभवन घेराव की चेतावनी दी है. पार्टी के जिलाध्यक्ष सचिन कुमार महतो ने परिसदन में प्रेस कांफ्रेस में कहा कि दोनों भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा का दर्जा देकर राज्य सरकार मूलवासियों के साथ विश्वासघात किया है. राज्य सरकार को जनभावना का सम्मान करते हुए दोनों भाषाओं को जल्द वापस लेना चाहिए. उन्होंने 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय नीति बनाने की मांग राज्य सरकार से की है. राज्य सरकार को मूलवासियों की चिंता नहीं उन्होंनें कहा कि राज्य सरकार को मूलवासियों की चिंता नहीं है. ऐसी सरकार से स्थानीय नीति की उम्मीद कैसे की जा सकती है? सरकार के नीति निर्धारकों ने धन कमाने की लालसा में बोकारो व धनबाद जिले के लोगों के अधिकार भोजपुरी-मगही भाषी के हाथों बेच डाला. उन्होनें कहा कि 10 फरवरी से 15 फरवरी तक झारखंड के सभी विधायक एवं सासंदो से मिलकर इस मामले में राय लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि आदिवासी-मूलवासियों की सभ्यता संस्कृति के उत्थान के लिए स्थानीय नीति का निर्धारण अंतिम सर्वे सेटलमेंट या 1932 के खतियान के आधार पर जरूरी है. इसे अब अधिक दिनों तक लटकाए नहीं रखा जा सकता. मौके पर तपन सिंह चौधरी, अशोक कुमार महतो, प्रकाश कुमार शर्मा, नरेश महतो, परशुराम महतो, बंकुबिहारी सिंह, अजय कुमार गोस्वामी, मों सज्जाद, अभय शर्मा, अहमद अंसारी, अर्जुन महतो मौजूद थे. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=234544&action=edit">यह
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