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बोकारो : डीपीएस के अभिनीत का एंटी शेकिंग स्पून प्रोजेक्ट नेशनल में चयनित, सरकार देगी 25 हजार

Bokaro : डीपीएस बोकारो के दसवीं के छात्र अभिनीत शरण के प्रोजेक्ट ईट-वेल- एंटी शेकिंग स्पून फॉर ओल्ड पीपल का भारत सरकार की महत्वाकांक्षी इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ है. रांची के नामकुम में झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) परिसर में आयोजित इंस्पायर अवॉर्ड मानक की दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रदर्शनी सह कार्यशाला के दौरान अभिनीत का यह प्रोजेक्ट योजना की राष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए चयनित हुआ. जिले से 21 और पूरे झारखंड से 158 प्रतिभागी इसमें शामिल हुए थे. अंतिम रूप से अभिनीत सहित कुल 14 प्रतिभागी नेशनल के लिए चुने गए. उन्हें प्रमाणपत्र और स्मृति-चिह्न प्रदान किया गया. अभिनीत को योजना के तहत 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, ताकि वह अपने प्रोजेक्ट को और अच्छी तरह से तैयार व पूरा कर सके. इसके पूर्व जिला स्तर पर सफलता के लिए उसे 10 हजार रुपए का इनाम मिला था. बुजुर्गों में हाथ कांपने की समस्या के निदान को लेकर बनाए गए अपने इस प्रोजेक्ट के बूते अभिनीत अब देशभर के अन्य 59 प्रतिभागियों के साथ दो माह बाद जापान टूर और 50 हजार रुपए के नकद पुरस्कार के लिए योजना की अंतिम प्रतिस्पर्धा में शामिल होगा. अभिनीत के स्कूल लौटने पर शनिवार 6 मई को प्राचार्य डॉ.एएस गंगवार ने बधी देते हुए राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि डीपीएस बोकारो विद्यार्थियों की वैज्ञानिक चेतना व प्रतिभा के विकास को लेकर कटिबद्ध रहा है. प्रदर्शनी में अभिनीत के साथ उसके गाइड टीचर मो. ओबैदुल्लाह अंसारी भी शामिल हुए.

               पूरे राज्य से चुने गए ये प्रतिभागी

अभिनीत शरण (बोकारो), युवराज दास (चतरा), मो. इरशाद हुसैन (धनबाद), अयान हुसैन (धनबाद), नंदिनी कुमारी (गोड्डा), विनीता (गुमला), अर्पिता कुमारी (हजारीबाग), सोनाक्षी कुमारी (पलामू), जसमती सुंडी (प.सिंहभूम), समर्थ पांडेय (पू.सिंहभूम), राजप्रिया कुमारी (रांची), सानिया खातून (रांची), परवेज अशरफ (साहिबगंज) एवं दीप सिंह (सरायकेला-खरसांवा).

        खाना खाते समय बुजुर्गों के नहीं कांपेंगे हाथ

वृद्धावस्था में हाथ कांपना बुजुर्गों में आमतौर पर एक बड़ी समस्या है. इसे पार्किंसन रोग कहते हैं. इससे ग्रसित बुजुर्गों के हाथ खाना खाते समय न कांपे और भोजन का निवाला सीधे उनके मुंह तक जा सके, इसके लिए अभिनीत ने एंटी शेकिंग स्पून का इजाद किया है. शिक्षिका निमिषा रानी एवं बीएसएल अधिकारी नवनीत शरण के पुत्र अभिनीत को अपने दादा अखिलेश शरण की शारीरिक परेशानी देखकर यह आइडिया सूझा था. उसने प्रदर्शनी में इसका प्रोटोटाइप मॉडल प्रस्तुत किया. बॉल गिंबल तकनीक पर आधारित एंटीशेकिंग स्पून चम्मच, मोटर, सेंसर, माइक्रो कंट्रोलर, बॉल बियरिंग आदि पुर्जों की मदद से बनाया गया है. इसमें लगा पीआईआर सेंसर हाथ कांपने के दौरान घुमाव की डिग्री मापकर आर्डिनो ऊनो माइक्रोकंट्रोलर को सूचित करता है, जो लैडल से जुड़े सर्वोमीटर को सिग्नल देता है. इसके बाद वह उतनी ही डिग्री पर घूर्णन की विपरीत दिशा में लैडल को घुमा देता है और खाना खाते समय हाथ में रखा यह चम्मच नहीं हिल पाता. निकटवर्ती प्रतिस्पर्धा में इस प्रकार के उपकरण कम से कम 46 हजार रुपए की लागत में आते हैं. जबकि, अभिनीत का यह स्पेशल स्पून अधिकतम ढाई हजार रुपए में मिल जाएगा. प्रोटोटाइप मॉडल तैयार करने में उसे 1500 रुपए लगे हैं. जानिए... क्या है इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना प्रेरित अनुसंधान के लिए विज्ञान की खोज में नवाचार (इंस्पायर) योजना विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है. इसका उद्देश्य कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाई में प्रेरित करने के साथ उनमें रचनात्मकता व नवीन सोच की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान और सामाजिक अनुप्रयोगों में निहित मूल विचारों अथवा नवाचारों को लक्षित करना है. इंस्पायर अवार्ड मानक (मिलियन माइंड्स ऑगमेंटिंग नेशनल एस्पिरेशंस एंड नॉलेज) योजना के अंतिम चरण में राष्ट्रीय स्तर पर देशभर से विभिन्न राज्यों के कुल 60 प्रतिभागी चुने जाएंगे. उन्हें सरकार की ओर से जापान टूर का मौका मिलेगा और 50 हजार रुपए का नकद पुरस्कार भी मिलेगा. यह">https://lagatar.in/bermo-summer-camp-begins-at-pitts-modern-school-gomia-2/">यह

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