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बोकारो  : 21 जून को पुष्य नक्षत्र और त्रिपुष्कर योग का शुभ संयोग

गुप्त साधना से होती है मनोकामना पूरी
Bokaro : शास्त्रों के अनुसार साल में चार नवरात्र होते हैं. इनमें से दो सामान्य और दो गुप्त नवरात्र होते हैं. माघ और आषाढ़ की नवरात्र को गुप्त नवरात्र कहा जाता है. गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की पूजा होती है. इसमें मुख्य रूप से मां काली, मां तारा, त्रिपुर सुंदरी, मां छिन्नमस्तिका, मां भुवनेश्वरी, मां त्रिपुर भैरवी, मां घुमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी, और मां कमला की पूजा होती है. इस समय देवियों की गुप्त साधना करने से साधकों की हर मनोकामना पूर्ण होती है. ज्योतिष पंडित मार्कंडेय दुबे ने कहा कि इस दौरान तंत्र विद्या का विशेष महत्व होता है. इस नवरात्र में जो तंत्र साधक होते हैं. वो कामाख्या देवी में विशेष रुप से अनुष्ठान करते हैं. आषाढ़ मास में पड़ने वाली नवरात्र आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा यानी 19 जून से शुरू होगी. वहीं 28 जून को विजयदशमी के साथ नवरात्र का समापन होगा. इस नवरात्र में सभी प्रकार के मंत्रों व तंत्रों की सिद्धि की जाती है. इस समय खरीदारी करना बहुत शुभ माना जाता है. विशेष रुप से पुष्य नक्षत्र और त्रिपुष्कर योग में खरीदारी और मांगलिक कार्य करने का शुभ संयोग भी बन रहा है. शास्त्रों के अनुसार मां दुर्गा के सभी स्वरूपों की पूजा आराधना के साथ ही 10 महाविद्याओं की साधना करने से दुर्लभ से दुर्लभ मनोकामनाएं पूरी होती हैं. यह">https://lagatar.in/bokaro-there-will-be-inter-district-transfer-of-district-teachers/">यह

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