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बोकारो : पैसे लेकर बाहरी खिलाड़ियों को मौका देने का बड़ा आरोप

Bokaro : बोकारो में क्रिकेट खेल के नाम पर एक बार फिर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ का मामला सामने आया है. स्थानीय कई खिलाड़ियों ने बोकारो जिला क्रिकेट संघ पर पैसे लेकर बाहरी खिलाड़ियों को मौका देने का गंभीर आरोप लगाया है. उनका कहना है कि स्थानीय खिलाड़ी नियमित अभ्यास करते हैं. बेहतर प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें उचित अवसर नहीं दिया जाता है. बाहर के खिलाड़ियों से उनकी सांठगांठ होती है और गेंद-बल्ले के इस खेल में पैसे का खेल खेला जाता है. [caption id="attachment_604636" align="alignnone" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/SANGHARSH-KUMAR-300x284.jpg"

alt="" width="300" height="284" /> संघर्ष कुमार, स्थानीय खिलाड़ी[/caption] संघर्ष कुमार नामक खिलाड़ी ने कहा कि उनके बेहतर प्रदर्शन के बावजूद बाहर के खिलाड़ियों पर ध्यान दिया जाता है. उन्हें खुद ही पहले से संघ के लोग बुलाते हैं. हाल में सामने आए अंशुमन सिंह के मामले में जिस तरह पैसा लेने की बात सामने आई है, उससे ये सारा खेल का खुलासा हो गया. [caption id="attachment_604638" align="alignnone" width="226"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/RAJU-KUMAR-226x300.jpg"

alt="" width="226" height="300" /> राजू कुमार, स्थानीय खिलाड़ी[/caption] झारखंड के लिए रणजी ट्रॉफी और कई जूनियर क्रिकेट मैचों में खेल चुके राजू कुमार ने कहा बोकारो जिला क्रिकेट संघ के बड़े पदाधिकारियों की मिलीभगत के बिना ये नहीं हो सकता. कोई कुछ सुनता ही नहीं. जो ज्यादा आवाज उठाता है, डिसीप्लिनरी कमेटी बनाकर उसको बैन कर दिया जाता है. उन्हें भी गलत का विरोध करने पर तीन साल के लिए बैन कर दिया गया. [caption id="attachment_604640" align="alignnone" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/ANAND-KUMAR-300x278.jpg"

alt="" width="300" height="278" /> आनंद कुमार, स्थानीय[/caption] आनंद कुमार ने कहा कि एसोसिएशन पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त है. पैसे लेकर यहां बाहरी खिलाड़ियों को आगे खेलने के लिए मौका दिया जाता है. स्थानीय प्रतिभा को पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया जा रहा है.

        संघ का दो टूक- तमाम आरोप बेबुनियाद

इस बारे में पूछे जाने पर बोकारो जिला क्रिकेट संघ के संयुक्त सचिव राजेश्वर सिंह ने तमाम आरोपों को बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि टीम सिलेक्शन निष्पक्ष रूप से पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाता है. जो भी खिलाड़ी टीम में शामिल होते हैं, उनका बाकायदा पूरा परिचय प्रमाण पत्र, उनके माता-पिता का पहचान पत्र आदि लेकर रखा जाता है.

   अंशुमन मामले में संघ का कोई लेना-देना नहीं

राजेश्वर सिंह ने कहा कि अंशुमन सिंह का मामला 2018 का है. अंशुमन ने जिस संतोष पासवान पर पैसे लेकर क्रिकेट खेलवाने का आरोप लगा मुकदमा दायर कराया है, वह उस समय संघ में किसी भी पद पर नहीं था. इस संबंध में जब भुक्तभोगी ने मुकदमा दर्ज किया गया तो उसे संघ के सहायक सचिव पद से अविलंब हटा दिया गया. अब पुलिस अपना काम करेगी. सजा होगी तो संतोष को होगी, इससे जिला क्रिकेट संघ का कोई लेना-देना नहीं है. यह">https://lagatar.in/bermo-delegation-met-cmd-on-dav-school-fee-hike/">यह

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