: 1932 के खतियान पर स्थानीय नीति का समाधान विधानसभा में- राजेश ठाकुर
कंपनी मुनाफे में अधिकारी और कर्मचारी दोनों का योगदान
संदीप कुमार ने कहा कि वित्त वर्ष 20-21 की तुलना में वित्त वर्ष 21-22 में चार गुना लाभ हुआ है, जिसके अनुसार इस बार कम से कम 84 हजार रु. बोनस मिलना चाहिए था, पर प्रबंधन और एनजेसीएस में दो बार मीटिंग होने के बाद भी समझौता नहीं हो पाया जिसका खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है. कंपनी को मुनाफे में ले जाने के लिए अधिकारी और कर्मचारी दोनों का योगदान है. सभी लोगों के सामुहिक प्रयास से कंपनी मुनाफे में आई है. इस परिस्थिति में कर्मचारियों के साथ भेदभाव करना सही नही है. सालों से कुछ अहम मुद्दे जैसे, एरियर का भुगतान, नाईट अलाउंस में बढ़ोतरी, पदनाम जैसे मुद्दों का समाधान नहीं हो पाना दोनों पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है. प्रदर्शन में यूनियन के कार्यकारी सदस्य रवि शंकर, संयुक्त महामंत्री रत्नेश मिश्रा, सोनू शाह, पप्पू यादव, रितेश ओझा, आनंद रजक, अरुण कुमार,नरेंद्र दास, सूरज कंसारी ,नितेश कुमार, सिद्धार्थ सेन, चंदन द्विवेदी, प्रेमनाथ,राहुल सिंह, निखिल कुमार, अमन बास्की, संजीत कुमार,शिव नाथ, निरंजन कुमार, सहित सैकड़ों सदस्य उपस्थित रहे. इसे भी पढ़ें–आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-ek-diya-in-the-name-of-martyrs-program-of-ex-servicemen-on-september-22/">आदित्यपुर: पूर्व सैनिकों का “एक दीया शहीदों के नाम” कार्यक्रम 22 सितम्बर को [wpse_comments_template]

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