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बोकारो : क्लासरूम से बाहर बहुआयामी ज्ञान का माध्यम है अनुभव आधारित शिक्षा : दत्ता

Bokaro : अनुभव आधारित शिक्षा (एक्सपेरिएंशियल लर्निंग) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार 15 अप्रैल को डीपीएस बोकारो में शिक्षकों के लिए दो-दिवसीय क्षमता-निर्माण कार्यशाला शुरू हुई. साधनसेवी के रूप में विषय की विशेषज्ञ बाल भारती पब्लिक स्कूल औरंगाबाद (बिहार) की प्राचार्या साओली दत्ता और विद्या विकास पब्लिक स्कूल रांची की विभागाध्यक्ष (अंग्रेजी) प्रेमलता कुमारी उपस्थित रहीं.

अनुभव आधारित शिक्षा बदलते शैक्षणिक परिवेश और समय की मांग

सीबीएसई सेंटर आफ एक्सीलेंस (सीओई), पटना की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बोकारो जिले के विभिन्न स्कूलों से 60 से अधिक शिक्षकों ने भाग लिया. उन्हें प्रश्नोत्तरी सहित अन्य एक्टिविटी के जरिए एक्सपेरिएंशियल लर्निंग के हर पहलू की जानकारी दी गई. साथ ही पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन व व्यावहारिक प्रयोगों के माध्यम से रुचिकर अध्यापन के टिप्स भी दिए. साओली दत्ता ने कहा कि अनुभव आधारित शिक्षा आज बदलते शैक्षणिक परिवेश और समय की मांग है. ज्ञान की दुनिया केवल विद्यालय की कक्षा और किताबों तक ही सीमित नहीं है. इसके बाहर भी सीखने और समझने के असीम अवसर हैं.

  शिक्षकों पर नई पीढ़ी तैयार को करने की बड़ी जिम्मेदारी : प्रेमलता

मानव संसाधन विशेषज्ञ रिसोर्स पर्सन प्रेमलता ने कहा कि शिक्षकों के कंधों पर नई पीढ़ी को तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी है. बच्चे क्लासरूम में जो पढ़ते हैं, एक्टिविटी के माध्यम से उन्हें व्यावहारिक तौर पर अनुभव करना सीखने और समझने में काफी सहायक है. यही कारण है कि सीबीएसई के साथ-साथ नई शिक्षा नीति में भी एक्सपेरिएंशियल लर्निंग पर विशेष जोर दिया गया है.

  व्यावहारिक अध्ययन विषयों को समझने में सहायक : डॉ. गंगवार

प्राचार्य डॉ.एएस गंगवार ने कहा कि पढ़ी गई चीजों को अवलोकन, विश्लेषण और संश्लेषण के बाद कार्यरूप में करने का अनुभव संबंधित विषय-वस्तु को समझना आसान बना देता है. उन्होंने बताया कि डीपीएस बोकारो अपने विद्यार्थियों को अनुभव आधारित शिक्षा के हर अवसर प्रदान करता है. इसके पूर्व, कार्यशाला के प्रारंभ में दोनों ही रिसोर्स पर्सन्स का स्वागत उन्हें पौधा भेंटकर किया गया. कार्यक्रम के दूसरे दिन के सत्र में रविवार को प्रतिभागी शिक्षकों की एक्टिविटी का मूल्यांकन किया जाएगा तथा उनकी प्रतिक्रियाएं भी ली जाएंगी. यह">https://lagatar.in/pirtand-question-the-forests-of-parasnath-are-burning-for-eight-days-but-there-is-no-movement-in-the-department/">यह

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