alt="" width="300" height="225" /> बैठक में शामिल ठेका मजदूर[/caption] उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि सेल में सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाले बीएसएल के ठेका मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी सेल की सभी इकाइयों से कम है. अगर कोई मजदूर काम करते वक्त दुर्घटनाग्रस्त होकर मृत्यु का शिकार हो जाता है तो संयंत्र के तमाम अधिकारी दुर्घटना को बीमारी साबित करने में लग जाते हैं, ताकि पूरा परिवार दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो. नंद कुमार की कार्य दुर्घटना से मृत्यु इसका जीता जागता उदाहरण है. आज भी उनका परिवार न्याय से वंचित है. उन्होंने कहा कि प्रबंधन अगर अपने रवैये में बदलाव नहीं लाता तो संघ बड़ा आंदोलन करेगा. उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार की न्यूनतम मजदूरी से अब काम नहीं चलेगा. अविलंब एनजेसीएस की बैठक बुलाकर ठेका मजदूरों का सम्मानजनक वेज रिवीजन करना होगा. मरणोपरांत परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिए सभी ठेका मजदूरों का कम से कम 15 लाख रुपये का ग्रुप इंश्योरेंस करना होगा. सेल की अन्य इकाइयों की भांति बोकारो इस्पात के मजदूरों को भी ग्रेच्युटी समेत तमाम भत्ते दिए जाएं. बैठक में राजेन्द्र सिंह के अलावे आरके सिंह, संतोष कुमार, नागेंद्र कुमार, उज्जवल कुमार, अमित यादव, हरेराम, टुनटुन सिंह सहित न्य नेताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए. यह">https://lagatar.in/bermo-successful-participants-honored-in-sports-competition/">यह
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