Bokaro : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के पूर्व विधायक अमित महतो ने पार्टी से त्यागपत्र देकर जन जागरण शुरू किया है. सिल्ली से धनबाद जाने के क्रम में बोकारो में स्थानीय लोगों ने माला पहनाकर और गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया गया. यहां से निकलने के बाद उन्होंनं सिद्धू-कानू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. भोजपुरी और मगही को झारखंड की स्थानीय भाषा की सूची में शामिल किए जाने के खिलाफ उन्होंने पार्टी से त्यागपत्र दे दिया था. वे सिल्ली से विधायक चुने गए थे. चास में मीडिया से बातचीत करते हुए अमित महतो ने कहा कि मैं शिबू सोरेन के आदर्शों पर चलने वाला व्यक्ति हूं. शिबू सोरेन ने स्थानीय लोगों के लिए आंदोलन किया. जिस तरीके से झारखंड में स्थानीय भाषा के साथ खिलवाड़ हो रही है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मेरे लिए मां और माटी पहले है उसके बाद पार्टी. उन्होंने कहा कि 1932 के खतियान को लेकर स्थानीय नीति बननी चाहिए. अगला आंदोलन इसी मुद्दे को लेकर रणनीति के तहत छेड़ा जाएगा. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=250525&action=edit">यह
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