डॉ.एएस गंगवार इकलौते भारतीय
गारा ने एक वैश्विक सर्वे के आधार पर दुनिया भर से मात्र नौ लोगों को यह सम्मान दिया है, जिनमें भारत से डॉ. गंगवार अकेले हैं. उन्हें शिक्षा के साथ-साथ सामाजिकता के क्षेत्र में कुशल दायित्व-निर्वहन के लिए यह उपलब्धि मिली है. समाज व राष्ट्र के उत्थान व समाज-कल्याण के लिए उन्हें गारा का अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस फॉर ग्लोबल लीडर्स 2022 दिया गया है. गौरतलब है कि डीपीएस बोकारो की ओर से अभिवंचित वर्ग के बच्चों को कक्षा एक से सातवीं तक की निःशुल्क शिक्षा इसी समुन्नत संसाधन के बीच दी जा रही है. निर्धन महिलाओं व युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण केंद्र कोशिश का संचालन किया जा रहा है. विद्यालय-संचालित स्किल हब के प्रथम बैच का कौशल प्रशिक्षण हाल ही में पूरा हुआ है. इसके अलावा निकटवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में गांव के विद्यार्थियों को लाभान्वित करने, गरीबों में वस्त्रदान, अन्नदान सहित समाजहित में कई कार्य किए जाते रहे हैं.शोध और नेतृत्व विकास के लिए संचालित बुद्धिजीवियों के संगठन की शोध इकाई है `गारा`
बांग्लादेश में स्थापित की गई संस्था ग्लोबल एकेडेमिक्स रिसर्च एकेडमी (गारा) शोध और नेतृत्व विकास के लिए संचालित बुद्धिजीवियों के संगठन की शोध इकाई है. बांग्लादेश, कनाडा, मलेशिया, यूएई, यूएसए, ऑस्ट्रेलिया, केन्या, जाम्बिया, मालदीव, ओमान, पाकिस्तान, भारत, उज्बेकिस्तान, ब्रुनेई और जिम्बाब्वे देशों में इसके चैप्टर हैं. चैप्टर में शिक्षा मंत्री, राजदूत और विश्व स्तर पर शिक्षा क्षेत्रों सहित अन्य वैश्विक शिक्षाविद व नीति निर्माता शामिल होते हैं. संगठन के कार्यों शोधपरक अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक पत्र-पत्रिकाएं जारी करना, इंटरनेशनल सेमिनार आयोजित कराना आदि शामिल हैं. यह">https://lagatar.in/bokaro-run-public-awareness-campaign-against-anti-labour-policies-vidyasagar-giri/">यहभी पढ़ें : बोकारो : मजदूर-विरोधी नीतियों के खिलाफ चलाएं जनजागरण अभियान : विद्यासागर गिरि [wpse_comments_template]

Leave a Comment