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बोकारो : झारखंड का पहला मूल्यांकनकर्ता प्रशिक्षण, सतत मूल्यांकन से विद्यालयों की गुणवत्ता पर जोर

Bokaro : विद्या भारती मानक परिषद के अखिल भारतीय संयोजक राकेश शर्मा ने मूल्यांकनकर्ता प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कहा हम जिस क्षेत्र में कार्य करते हैं उसके कार्यों का सतत मूल्यांकन आवश्यक होता है. ये बातें सरस्वती विद्या मंदिर 3/सी में प्रेस वार्ता के दौरान उन्हेंने कही. शांतिलाल मुथा फाउंडेशन एवं विद्या भारती मानक परिषद के संयुक्त निर्देशन में विद्या विकास समिति झारखंड द्वारा 4 से 10 जुलाई तक आयोजित मूल्यांकनकर्ता प्रशिक्षण वर्ग आयोजित है. उन्होंने कहा कि शांतिलाल मुत्था फाऊंडेशन SESQ के मध्यम से सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों के मूल्यांकन के लिए यह विधा प्रारंभ की गई है. 2015 में विद्या भारती ने भी उनसे संपर्क कर अपने विद्यालयों की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए इस विधि को अपनाया और अपने यहां ऐसेसर तैयार कर अपने विद्यालयों का मूल्यांकन कर रहे हैं. वर्तमान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं सभी राज्यों के शिक्षा बोर्ड, शिक्षा आयोगों तथा  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के नियमों को ध्यान में रखते हुए इसके मूल्यांकन के बिंदु तैयार किए गए हैं. जिसमें छोटी कक्षाओं से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों तक के मूल्यांकन के लिए बिंदुएं तैयार की गई है. इसे भी पढ़ें- कन्हैया">https://lagatar.in/kanhaiya-singh-murder-case-daughter-and-lover-hatched-a-conspiracy-11-arrested-including-shooter/">कन्हैया

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झारखंड में यह पहला मूल्यांकनकर्ता प्रशिक्षण वर्ग

वहीं राकेश शर्मा ने कहा कि विद्यालयों से जुड़े सभी हितधारकों के सहयोग से ही संस्था का विकास संभव है. किसी भी शिक्षण संस्थान में मूल्यांकन के लिए उसका शासन, प्रशासन, नेतृत्व क्षमता एवं अध्ययन-अध्यापन को केंद्र मानकर मूल्यांकन किया जाता है. इसके लिए हम वहां के भौतिक एवं मानव संसाधनो की उपलब्धता उनके कार्य करने की शैली तथा उसके परिणाम पर आकलन करते हुए उसका मूल्यांकन करते हैं. झारखंड में यह पहला मूल्यांकनकर्ता प्रशिक्षण वर्ग है. इस वर्ग में पूरे झारखंड प्रांत से 47 कार्यकर्ता प्रशिक्षण ले रहे हैं. इसके माध्यम से पूरे झारखंड के विद्यालयों में आगामी समय में सतत मूल्यांकन जारी रहेगा जिससे दिन-प्रतिदिन विद्यालयों की गुणवत्ता को बढ़ाई जाएगी. इसे भी पढ़ें- बोकारो">https://lagatar.in/bokaro-connection-of-consumers-who-do-not-deposit-electricity-bill-will-be-cut-department-in-action/">बोकारो

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संस्कार एवं अनुशासन के साथ गुणवत्ता युक्त शिक्षा पर बल

आगामी समय में भारत सरकार से मान्यता लेकर दूसरे विद्यालयों का भी मूल्यांकन करने की योजना है. इस अवसर पर विद्यालय के पूर्व छात्र प्रवीण कुमार झा कमिश्नर कमिश्नर (यूके), निखिल कुमार झा अभियंता बोकारो इस्पात संयंत्र एवं काशीनाथ शर्मा अभियंता रेलवे ने कहा कि प्रारंभ से ही यह विद्यालय संस्कार एवं अनुशासन के साथ-साथ अच्छी गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने के लिए कटिबद्ध है. आवश्यकता है अभिभावक भी अपने पाल्य के विकास में सहयोगी बने. विद्यालय द्वारा जो गृहकार्य एवं गतिविधि दी जाती है उसे ससमय पूर्ण करायें. इससे छात्रों का सर्वांगीण विकास होना तय है. विद्यालय प्रबंध कारिणी समिति के सचिव सिद्धेश नारायणदास ने कहा कि मानक परिषद द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू कर इस विद्यालय को बोकारो में उत्कृष्ट विद्यालय बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई. इस अवसर पर मानक परिषद के क्षेत्र प्रमुख उमाशंकर पोद्दार, विद्या विकास समिति के पूर्णकालिक विवेक नयन पांडे, ओम प्रकाश सिन्हा, सुरेश मंडल, फणींद्रनाथ झा, तुलसी ठाकुर, मानक परिषद के प्रांत प्रमुख मदन मोहन मिश्र एवं प्रधानाचार्य सुमन सिंह उपस्थित रहे. [wpse_comments_template]

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