- आर्यभट्ट गणित प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित
- 37 वर्षों से विभिन्न प्रांतों के छात्र-छात्राओं के लिए विद्यालय करा रहा एएमसी का आयोजन
Bokaro: भारत आविष्कारकों की धरती रही है, जहां आर्यभट्ट जैसे महान गणितज्ञ व ज्योतिषविद हुए हैं. प्राचीन ज्योतिष व गणित विज्ञान आज की तुलना में काफी आगे था. उस दौर में हमारे पुरोधा सोचते थे, खोज करते थे और लिखते थे. आज के विद्यार्थियों में भी उन्हीं की तरह वास्तविक ज्ञान के प्रति भूख जरूरी है. ये बातें बोकारो इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन ने गुरुवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो में आयोजित आर्यभट्ट गणित प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कहीं.
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उन्होंने पुरस्कृत विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने डीपीएस बोकारो द्वारा वर्ष 1988 से लगातार आर्यभट्ट गणित प्रतियोगिता के सफल आयोजन की सराहना की. सम्मान समारोह के तहत डीपीएस बोकारो द्वारा विगत 37 वर्षों से आयोजित की जा रही आर्यभट्ट गणित प्रतियोगिता (एएमसी) के विद्यालयवार एवं ओवरऑल 45 विजेताओं को पुरस्कृत किया गया. इनमें झारखंड-बिहार सहित पश्चिम बंगाल और ओडिशा के प्रतिभागी भी शामिल रहे.
इन राज्यों के विभिन्न विद्यालयों से लगभग 1400 विद्यार्थियों ने जूनियर, मिडिल और सीनियर कैटेगरी में भाग लिया था. ओवरऑल जूनियर में 15, मिडिल में 19 और सीनियर में 11 विद्यार्थी पुरस्कृत किए गए. तीनों ही कैटेगरी में डीपीएस बोकारो का ओवरऑल सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा, परंतु मेजबान विद्यालय होने के नाते खिताब प्रतियोगिता के निकटवर्ती प्रतिभागी विद्यालय को सुपुर्द किया गया.
इसके तहत जूनियर और मिडिल कैटेगरी में हेम शीला मॉडल स्कूल, दुर्गापुर तथा सीनियर वर्ग में चिन्मय विद्यालय, बोकारो को विनर्स ट्रॉफी सुपुर्द की गई. सभी विजेताओं को मुख्य अतिथि प्रिय रंजन एवं डीपीएस बोकारो के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने ट्रॉफी एवं स्थानानुसार पारितोषिक राशि का चेक देकर पुरस्कृत किया गया.
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने पुरस्कार पाने वाले विद्यार्थियों को अपनी शुभकामनाएं दीं. उन्होंने डीपीएस बोकारो द्वारा गणित में बच्चों की तार्किक क्षमता और उनके कौशल को परखने के लिए साढ़े तीन दशक से भी अधिक समय से अनवरत आयोजित की जा रही है. उन्होंने कहा कि गणित आज के डेटा साइंस के पीछे की भाषा है. इस विषय के प्रति विद्यार्थियों में भय खत्म कर रुचि व आनंद जगाना इस प्रतियोगिता का ध्येय रहा है.
समारोह के दौरान डीपीएस बोकारो की ओर से निःशुल्क संचालित महिला-स्वावलंबन केन्द्र- कोशिश में सफल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली कई महिलाओं एवं युवतियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया.
मुख्य अतिथि डीआई श्री रंजन ने सामाजिक उत्थान एवं महिला सशक्तीकरण की दिशा में विद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की. कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. गंगवार ने मुख्य अतिथि को स्मृति-चिह्न भेंटकर एवं शॉल अलंकृत कर सम्मानित किया. समारोह का समापन राष्ट्रगान से हुआ.
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