Ranchi: बोकारो के फुसरो में गर्भवती दलित महिला की हत्या के मामले को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश महामंत्री और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने कहा कि यह घटना राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और अपराधियों के बढ़ते मनोबल का उदाहरण है.
अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि फुसरो में कोयला माफियाओं ने भुइयां समाज की एक चार माह के गर्भवती महिला की उसके पति और अन्य लोगों के सामने पीट-पीटकर हत्या कर दी. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक महिला की हत्या नहीं, बल्कि उसके गर्भ में पल रहे अजन्मे बच्चे की भी हत्या है.
उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि बोकारो के डीसी और एसपी कानून के अनुसार काम करने के बजाय सरकार को खुश करने में लगे हैं. बाउरी ने आरोप लगाया कि मामले को दबाने और सबूतों को प्रभावित करने के उद्देश्य से आधी रात को शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जो सामान्य प्रक्रिया के विपरीत है.
प्रेस वार्ता में उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी सवाल उठाया. उनका कहना था कि दलित हितों की बात करने वाले लोग पीड़ित परिवार से मिलने तक नहीं पहुंचे. उन्होंने क्षेत्र में सक्रिय एक कथित माफिया सिंडिकेट को इस घटना के लिए जिम्मेदार बताते हुए कहा कि उसे राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है.
अमर बाउरी ने कहा कि घटना के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे थे. भाजपा नेताओं के आंदोलन और बोकारो चक्का जाम की चेतावनी के बाद प्रशासन हरकत में आया और 6 नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी हुई.
भाजपा ने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने और मुख्य आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है. साथ ही मामले को दबाने के आरोपों की जांच कराने तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों और मेडिकल कर्मियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है.
उन्होंने कहा कि भाजपा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी. जरूरत पड़ने पर मामले को अनुसूचित जाति आयोग के समक्ष भी उठाया जाएगा. बाउरी ने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस की कार्यशैली लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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