Bokaro: समाहरणालय सभागार में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक हुई. जिसमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं एवं झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों के सत्यापन कार्य की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन लाभुकों का सत्यापन पूर्ण हो चुका है, उन्हें अविलंब राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए.
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी लाभुक का नाम योजना से विलोपित करने से पूर्व निर्धारित प्रक्रिया का पूर्णतः पालन किया जाए. इसके तहत सत्यापन शिविर आयोजित कर मामले की सुनवाई, नोटिस तामिला, कागजात की जांच तथा संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं मुखिया के सत्यापन के उपरांत ही विलोपन की कार्रवाई की जाए. आवश्यकता पड़ने पर आम सूचना भी प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया.
उपायुक्त ने कहा कि किसी भी पात्र लाभुक को सत्यापन प्रक्रिया के कारण अनावश्यक आर्थिक नुकसान नहीं होना चाहिए. यदि कोई लाभुक जीवित एवं पात्र पाया जाता है तो उसका भुगतान तत्काल बहाल किया जाए. कहा कि, हाल के दिनों में कुछ यूजर आईडी हैक होने तथा अनधिकृत निकासी की घटनाओं को देखते हुए उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को साइबर सुरक्षा के प्रति विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि यूजर आईडी एवं पासवर्ड का नियमित सत्यापन एवं आवश्यकतानुसार परिवर्तन किया जाए. भुगतान संबंधी कार्य केवल अधिकृत कंप्यूटर एवं कार्यालय के अधिकृत इंटरनेट नेटवर्क से ही किए जाएं. भुगतान प्रणाली से जुड़े कंप्यूटरों में अनावश्यक सॉफ्टवेयर या एप्लिकेशन इंस्टॉल नहीं किए जाएं तथा एंटीवायरस एवं अन्य सुरक्षा उपायों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए.
साथ ही, यूजर आईडी, पासवर्ड एवं ओटीपी को पूरी तरह गोपनीय रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने का निर्देश दिया गया. बैठक में मनरेगा के बदले 1 जुलाई से लागू होने वाली जी-राम-जी योजना की तैयारियों की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि वर्तमान में संचालित योजनाओं एवं लंबित कार्यों को 30 जून तक हर हाल में पूर्ण किया जाए.
उन्होंने अबुआ आवास योजना, दीदी बाड़ी योजना एवं अन्य ऐसी योजनाओं की समीक्षा की, जिनमें खर्च शून्य या अपेक्षाकृत कम रहा है. संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाकर निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. साथ ही, मनरेगा की सभी लंबित देन दारियों की एमआईएस प्रविष्टि 30 जून तक पूर्ण करने का निर्देश दिया गया.
उन्होंने सभी प्रखंडों में संचालित डीएमएफटी योजनाओं की नियमित निगरानी एवं प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा. बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य की विस्तृत समीक्षा की गई. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का भौतिक सत्यापन (फिजिकल रिव्यू) किया जाए तथा निर्माणाधीन भवनों को अगले तीन माह के भीतर पूर्ण कराया जाए.
जहां भूमि विवाद के कारण कार्य प्रभावित है, वहां संबंधित एजेंसियां एवं अंचल अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर समस्या का समाधान करें. उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए संबंधित अंचल अधिकारी नियंत्रण पदाधिकारी के रूप में कार्य करेंगे.
बैठक में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रगति की भी समीक्षा की गई. साथ ही सभी विभागों को निर्देश दिया गया कि योजनाओं की प्रगति से संबंधित आंकड़े एवं प्रतिवेदन प्रत्येक माह निर्धारित गूगल शीट में अद्यतन रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें.
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी बीडीओ एवं सीओ को आवश्यक निर्देश दिए. उन्होंने पंचायत स्तर पर मतदाता सहायता केंद्र स्थापित करने, पंचायत केंद्रों में कलर प्रिंटिंग मशीन की स्थापना सुनिश्चित करने तथा एईआरओ एवं ईआरओ के कार्यों की निगरानी के लिए वरीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति संबंधी जारी निर्देशों की जानकारी दी.
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