Bokaro : चीरा चास में बैंक ऑफ इंडिया इम्पलाइज यूनियन की ओर से एक दिवसीय बैठक का आयोजन किया गया. फेडरेशन ऑफ बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ यूनियन के अखिल भारतीय महासचिव तथा बैंक ऑफ इंडिया इम्पलाइज यूनियन झारखण्ड स्टेट के भी महासचिव दिनेश झा `ललन` ने कहा कि आज फिर से ऐसी स्थिति उत्पन्न की जा रही है, जहाँ हमें अपने अस्तित्व को बचाने के साथ-साथ बैंक को भी बचाने के लिए तथा इसे जनोन्मुख बनाये रखने के लिए संघर्ष के लिए खडा होना पड़ेगा. इसे भी पढ़ें-
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डिजिटल शाखाएं खोलने की योजना
दिनेश झा ने कहा कि संघर्ष के लिए सबसे आवश्यक है कि हम अपने ज्ञान में वृद्धि करें जब तक जानकारी नहीं होगी, तब तक अपने हितों की रक्षा सम्भव नहीं है. इतना ही नहीं डिजिटल शाखाएं खोलने की भी योजना है जिसके तहत कर्मचारियों की आवश्यकता नगण्य हो जाएगी. साथ ही बैंको से उपलब्ध कराएं जाने वाले कर्ज भी फिन्टेक कम्पनियों के माध्यम से कराने की कोशिश की जा रही है मतलब कर्ज बाँटना भी आउटसोर्स किये जाने का प्रयास है. इसमें भी आश्चर्य का विषय यह है कि ये फिन्टेक कम्पनिया सिर्फ कर्ज बांटेगी, वसूली की जिम्मेवारी बैंक की होगी. बैठक को संबोधित करने वाले प्रमुख पदाधिकारियों में एस के अदक, उमेश कुमार दास, एस एन दास, तारक बनर्जी, साकंत शर्मा, आर एन साहू आदि ने भी सदस्यों को आह्वान किया कि अपने एवं समाज के हितों के रक्षार्थ संघर्ष ही एकमात्र विकल्प है. इसके उपरांत बोकारो अंचल के सदस्यों के बीच से प्रांतीय कार्यकारिणी के लिए दस सदस्यों का मनोनयन किया गया. [wpse_comments_template]
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