Bokaro: किसी भी वस्तु की कीमत आमतौर पर एमआरपी पर ली जाती है, लेकिन शराब के साथ ऐसा नहीं है. इसकी अधिक कीमत ली जा रही है. बोकारो के सरकारी दुकानों में भी शराब की एमआरपी तय है, लेकिन संचालक उससे दस रुपए अधिक ले रहे हैं. ग्राहकों की विवशता यह है कि सरकारी दुकान होने के कारण इसका खुलकर विरोध भी नहीं कर पा रहे हैं. उन्हें भय है कि कहीं उनके खिलाफ मामला न दर्ज हो जाय. विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से संचालक अधिक कीमत वसूलने में लगे हैं. कीमत बढ़ने से ग्राहकों में नाराजगी है. लगातार">https://lagatar.in/">लगातार
मीडिया की टीम वास्तविक स्थिति को जानने के लिए शहर में दौरे पर निकली. ग्राहकों से सीधे बात कर सच्चाई को जानने का प्रयास किया. सुनिये ग्राहकों ने क्या कहा- कैंप दो निवासी, सुधांशु कुमार: संचालकों ने शराब की कीमत अपने हिसाब से बढ़ायी है. बोकारो में शराब की कीमत प्रति बोतल 10 रुपए बढ़ा दिये हैं. विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से अधिक मूल्य वसूले जाते हैं. सरकारी दुकान होने के कारण ग्राहक विरोध भी नहीं कर पा रहे हैं. उन्हें प्राथमिकी दर्ज होने का डर है. इसलिए इस पर ध्यान देने की जरूरत है. सेक्टर 2 सी निवासी, कृष्ण कुमार: उन्होंने कहा कि शराब से ज्यादा बियर में धांधली है. इसकी कीमत तेजी से बढ़ी है. बियर ठंडा कर नहीं दिया जाता है. जबकि राज्य के विभागीय मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा था कि कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की गई है. दूसरी तरफ बियर के बोतलों की भी किल्लत है. इससे संचालक अधिक कीमत वसूलने में लगे हैं. सेक्टर 2 सी निवासी संजय मंडल: शराब से अधिक बियर बिकता है. बोकारो की सभी सरकारी दुकानों में शराब ऊंची कीमत पर बेची जाती है. सवाल करने पर दुकानदार कहते हैं कि लेना है तो लीजिए, अन्यथा रास्ता देखिए. शराब दुकानों में कीमतों के लिस्ट भी नहीं लगाए गए हैं. जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए. दुकान में संचालक 10 रुपए अधिक लेते हैं. वहीं इस पर विभागीय अधिकारी चुप हैं. बोकारो निवासी बिपिन पाठक: हम तो शराब पीते नहीं हैं. एक रिश्तेदार के लिए शराब खरीदा था. प्रिंट से 10 रुपए अधिक देना पड़ा था. पूछे जाने पर दुकानदार ने कहा कि विभाग जो कहता है, वही हमलोग करते हैं. हमलोग सेल्समैन हैं. इस पर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है. बोकारो निवासी राकेश कुमार सिंह: शराब अधिक कीमतों पर बिकने की शिकायत पहले से है. फिलहाल बड़ी समस्या यह है कि यहां शराब की नीब (क्वार्टर) उपलब्ध नहीं है. जिसे जरूरत है उसे बड़ी बोतल खरीदनी पड़ती है. सेल्समैन विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से मनमाने तरीके से कीमत वसूल रहे हैं. विभागीय अधिकारी इस मामले में खामोश हैं. इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है. इसे भी पढ़ें- पीएम">https://lagatar.in/pm-modis-visit-to-bihar-centenary-pillar-of-the-assembly-will-be-unveiled-will-give-many-gifts/">पीएम
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मीडिया की टीम वास्तविक स्थिति को जानने के लिए शहर में दौरे पर निकली. ग्राहकों से सीधे बात कर सच्चाई को जानने का प्रयास किया. सुनिये ग्राहकों ने क्या कहा- कैंप दो निवासी, सुधांशु कुमार: संचालकों ने शराब की कीमत अपने हिसाब से बढ़ायी है. बोकारो में शराब की कीमत प्रति बोतल 10 रुपए बढ़ा दिये हैं. विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से अधिक मूल्य वसूले जाते हैं. सरकारी दुकान होने के कारण ग्राहक विरोध भी नहीं कर पा रहे हैं. उन्हें प्राथमिकी दर्ज होने का डर है. इसलिए इस पर ध्यान देने की जरूरत है. सेक्टर 2 सी निवासी, कृष्ण कुमार: उन्होंने कहा कि शराब से ज्यादा बियर में धांधली है. इसकी कीमत तेजी से बढ़ी है. बियर ठंडा कर नहीं दिया जाता है. जबकि राज्य के विभागीय मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा था कि कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की गई है. दूसरी तरफ बियर के बोतलों की भी किल्लत है. इससे संचालक अधिक कीमत वसूलने में लगे हैं. सेक्टर 2 सी निवासी संजय मंडल: शराब से अधिक बियर बिकता है. बोकारो की सभी सरकारी दुकानों में शराब ऊंची कीमत पर बेची जाती है. सवाल करने पर दुकानदार कहते हैं कि लेना है तो लीजिए, अन्यथा रास्ता देखिए. शराब दुकानों में कीमतों के लिस्ट भी नहीं लगाए गए हैं. जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए. दुकान में संचालक 10 रुपए अधिक लेते हैं. वहीं इस पर विभागीय अधिकारी चुप हैं. बोकारो निवासी बिपिन पाठक: हम तो शराब पीते नहीं हैं. एक रिश्तेदार के लिए शराब खरीदा था. प्रिंट से 10 रुपए अधिक देना पड़ा था. पूछे जाने पर दुकानदार ने कहा कि विभाग जो कहता है, वही हमलोग करते हैं. हमलोग सेल्समैन हैं. इस पर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है. बोकारो निवासी राकेश कुमार सिंह: शराब अधिक कीमतों पर बिकने की शिकायत पहले से है. फिलहाल बड़ी समस्या यह है कि यहां शराब की नीब (क्वार्टर) उपलब्ध नहीं है. जिसे जरूरत है उसे बड़ी बोतल खरीदनी पड़ती है. सेल्समैन विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से मनमाने तरीके से कीमत वसूल रहे हैं. विभागीय अधिकारी इस मामले में खामोश हैं. इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है. इसे भी पढ़ें- पीएम">https://lagatar.in/pm-modis-visit-to-bihar-centenary-pillar-of-the-assembly-will-be-unveiled-will-give-many-gifts/">पीएम
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