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बोकारो : करम महोत्सव में पांता नाच व झूमर गीतों पर देर रात तक झूमे लोग

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कसमार के मंजूरा में हुआ आयोजन, बंगाल के कलाकारों ने बांधा समां 

Bokaro : कसमार प्रखंड के मंजूरा गांव के पुरनाटांड़ में आदिवासी समुदाय की ओर से 18 सितंबर सोमवार की रात करम महोत्सव का आयोजन किया गया. पांता नाच व झूमर गीतों पर लोग देर रात का झूमते रहे. कार्यक्रम में बंगाल के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से समां बांधा. शिल्पी, गोविंद लाल हस्तुआर, सायमनी महतो, अंबा महतो, ममता महतो व रीता हस्तुआर की टीम ने एक से बढ़कर एक पारंपरिक  झूमर गीत प्रस्तुत किए. इससे पहले करम आखड़ा में कुड़माली जागरण गीत गाकर महोत्सव का शुभारंभ किया गया. भाखिचारि गुरु संतोष केटियार ने करम परब के महत्व नेग, नियम के बारे में विस्तार से बताया. कहा कि करम पर्व का जुड़ाव कृषि कार्य के साथ-साथ भाइयों का बहनों के प्रति कर्तव्य व दायित्व का बोध कराता है. महोत्सव में मंजूरा, झरमुंगा, तिलैया, टांगटोना, मुंगो बगदा, दुर्गापुर आदि गांवों से महिला व पुरुष पंहुचे थे. कुड़मालि शोधकर्ता दीपक पुनरिआर, संतोष बानुआर, बिंदेश्वर महतो, दुर्गा महतो, अनंत कंडहरआर, राजेन्द्र डुमरियार, भुवनेश्वर काछुआर, डब्लू महतो, करन ओहदार को कमेटी की ओर से सम्मानित किया गया. मौके पर जानकी गुलिआर, संजय महतो, मिथलेश केटियार, प्रवीण केसरिआर, अखिलेश्वर केसरिआर, टुपकेश्वर केसरिआर, सुभाष केसरिआर, दिलीप कुमार, बालेश्वर पुनरिआर, उमाचरण गुलिआर, शांति गुलिआर, पीयूष कुमार, राजकिशोर केसरिआर आदि मौजूद थे. यह भी पढ़ें : गिरिडीह">https://lagatar.in/giridih-young-man-injured-by-electric-current-did-not-get-treatment-in-chc-died/">गिरिडीह

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