1932 पर सरकार को सलाह
पप्पू यादव ने 1932 खतियान धारित स्थानीय नीति पर मुख्यमंत्री को सलाह देते हुए आदिवासियों, स्थानीय लोगों की भागीदारी तय करने की बात कही. कहा कि मूलवासियों, आदिवासियों को बेशक पहले राज्य में जगह दी जानी चाहिए. लेकिन बिहारियो समेत अन्य राज्यों के लोगों को जो गालियां दी जा रही है, उससे हम सहमत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि नियोजन नीति बनाई जाये. हम उसके पक्षधर हैं. लेकिन जो बिहार समेत अन्य राज्यों के लोग 1932 के पूर्व से रह रहे हैं, उनके बारे में भी सरकार को ख्याल रखना चाहिए. [caption id="attachment_515613" align="alignnone" width="300"]alt="" width="300" height="135" /> सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते पप्पू यादव[/caption]
नेताओं के रिश्तेदार ही शराब के कारोबारी
बिहार में शराब नीति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने यह कानून सबके लिए लाया था. लेकिन पीने वाले जेल जाते हैं और बेचने वाले बाहर घूमते हैं. कहा कि सरकार जवाबदेही तय करे कि इसके लिए उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो, जो इस प्रतिबंधित शराब के बिक्री के लिए जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि समाधान के लिए सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार मे शामिल या बाहर बैठे नेताओ और उनके रिश्तेदार ही शराब व्यवसायी है. जिनके पास पुलिस नही जाती है. यह">https://lagatar.in/bokaro-seven-people-injured-in-three-separate-bike-accidents/">यहभी पढ़े : बोकारो : अलग-अलग तीन बाइक हादसों में सात लोग जख्मी [wpse_comments_template]

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