Bokaro : स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण संस्थान के संरक्षक सह पूर्व सांसद यदुनाथ पांडेय ने शनिवार को बोकारो की जीवन रेखा गरगा नदी के प्रदूषण की स्थिति का ज़ायज़ा लिया. चास स्थित मुख्य गरगा पुल के पास छठ घाट पर भारी प्रदूषण और गंदे नाले में परिवर्तित नदी की दुर्दशा पर सांसद ने चिंता ज़ाहिर की. नदी में बीएसएल के आवासीय कॉलोनियों और चास नगर निगम की आवासीय कॉलोनियों के गंदे नालों के बहाव पर भी दुख ज़ाहिर किया. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण संस्थान गरगा नदी में गंदे नालों के सीधे प्रवाह को रोकने के लिए लगातार आंदोलन कर रहा है, इसके बावजूद जिला प्रशासन और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कानों पर जू तक नहीं रेंग रही है. पूर्व सांसद ने संस्थान के पदाधिकारियों से कहा कि वो इस मामले को लेकर मुख्य सचिव, नगर विकास सचिव और मुख्यमंत्री से मिलेंगे. उन्होंने कहा कि नदियों और जलस्रोतों को प्रदूषित करना अपराध है. जिसे सरकार को रोकना ही होगा. निरीक्षण के दौरान संस्थान के महासचिव शशि भूषण ओझा मुकुल, सचिव बबलू पांडेय, सह-सचिव विजय गुप्ता, जल संरक्षण संयोजक अजीत भगत, वन संरक्षण संयोजक वीरेंद्र चौबे, स्वास्थ्य संरक्षण संयोजक गौरी शंकर सिंह, नशामुक्ति संयोजक लक्ष्मण शर्मा, पुष्पा मिश्र, मंजू सिंह, मनोज पांडेय, रंजू सिंह, डीके त्रिवेदी, अभय गोलू, रोहित सिंह, प्रीतम कुमार व अन्य उपस्थित रहे. यह">https://lagatar.in/tenughat-gopalak-rambaran-got-compensation-with-the-help-of-dalsa/">यह
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बोकारो : नदियों और जलस्रोतों को प्रदूषित करना अपराध : यदुनाथ पांडेय

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