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बोकारो सदर अस्पताल :  अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन खरीद में घपला, L-1 के बजाय L-2 से ली गयी मशीन

 
  • - एल-1 कंपनी वह होती है जो सबसे लो कॉस्ट में निविदा भरती है. 
  • - DMFT फंड : बोकारो सदर अस्पताल के लिए L-1 के बजाय L-2 कंपनी से खरीदी गयी अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन
  • - एल-1 कंपनी ने पूरी मशीन के लिए 18.48 लाख  का रेट कोट किया था
  • - एल -2 कंपनी ने मशीन का एक हिस्सा हटा कर 4.70 लाख का अंतर पाट दिया
  • - बोकारो सिविल सर्जन और जिला प्रशासन की मिलीभगत से हुआ खेल
Ranchi :  राज्य में डीएमएफटी फंड के दुरुपयोग के कई मामले सामने आते रहे हैं. बोकारो जिले में भी डीएमएफटी फंड खर्च करने में कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाने के मकसद से नियमावली की शर्तों का खुलकर उल्लंघन किया गया है. यह मामला बोकारो सदर अस्पताल में अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन की खरीद से जुड़ा है. दरअसल डीएमएफटी फंड से नयी अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन खरीदने की स्वीकृति मिली. इसके लिए बोकारो के सिविल सर्जन की अध्यक्षता में क्रय समिति बनायी गयी. मशीन की आपूर्ति करनेवाली कंपनियों ने 4डी कनवेक्स प्रोव जांच 4.0-7 ओएमएचजेड के लिए निविदा भरी, लेकिन एल-1 रही कंपनी से मशीन न खरीद कर एल टू रही कंपनी से खरीदारी कर ली गयी. एल-2 कंपनी ने 4.70 लाख के बदले मशीन का एक हिस्सा वापस ले लिया. विशेषज्ञों के मुताबिक, मशीन के इस हिस्से के बिना विश्वसनीय स्कैनिंग संभव ही नहीं. बता दें कि एल-1 कंपनी वह होती है जो सबसे लो कॉस्ट में निविदा भरती है. 

18.48 लाख में करनी थी सप्लाई, एल-2 कंपनी से उतनी ही राशि में अधूरी मशीन ले ली

सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी बोकारो की अध्यक्षता में जिला क्रय समिति का गठन किया गया था. इसमें 18.48 लाख में मशीन की आपूर्ति की तकनीकी स्वीकृति एल -1 वाली कंपनी को दी गयी थी. लेकिन एल-2 रही कंपनी, जिसने 25.31 लाख रेट कोट किया था, उसे लाभ पहुंचाने के लिए मशीन आपूर्ति का आर्डर दे दिया गया. एल -1 कंपनी के लिए बोकारो के उप विकास आयुक्त ने मशीन खरीद की फाइल पर लिखा था कि तकनीकी योग्यता के संबंध में सभी दस्तावेज संचिका में उपलब्ध हैं. इसके बाद जिला क्रय समिति को मामला फंसता हुआ नजर आया. इसलिए बीच का रास्ता निकालने के लिए एल-1 आपूर्तिकर्ता द्वारा दी गयी निविदा दर पर भुगतान करने का निर्णय हुआ, जो एल-2 से 4.70 लाख कम था.

सिविल सर्जन ने मशीन के 4.70 लाख लागत वाले हिस्से को वापस किया

पूरे मामले में पेच फंस जाने के बाद आपूर्तिकर्ता द्वारा दी गयी मशीन में से 4.70 लाख की लागत वाला एक हिस्सा 4डी कन्वैक्शन प्रूफ जांच 4.07 ओएमएचजेड को एल टू वाली आपूर्तिकर्ता कंपनी को वापस कर दिया गया. यह मशीन का वह हिस्सा है, जिसके बिना विश्वसनीय स्कैनिंग संभव नहीं. मशीन के इस पार्ट के बिना पेट की गहराई तक स्कैन करना संभव नहीं हो पाता. [wpse_comments_template]
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