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बोकारो : आत्मदर्शन का दर्पण है स्वाध्याय - उपासिका वीणा

`स्वाध्याय दिवस` के रूप में मनाया गया पर्युषण महापर्व का दूसरा दिन

Bokaro :  जैन धर्मावलंबियों के महापर्व पर्युषण के दूसरा दिन 13 सितंबर स्वाध्याय दिवस के रूप में मनाया गया. चास के श्री माणकचन्दजी छालाणी भवन में आयोजित प्रवचन कार्यक्रम के दौरान स्वाध्याय दिवस का शुभारंभ महावीर भगवान की मंगल-स्तुति से हुआ. मौके पर उपासिका वीणा बोथरा ने कहा कि स्वाध्याय आत्मदर्शन का दर्पण है. यह हर व्यक्ति की आत्मा पर जमी हुई कालिमा को दूर कर उसके व्यक्तित्व को सजाता-संवारता है. स्वाध्याय से हमारे पूर्वसंचित कर्मफल की विशुद्धि होती है. स्वाध्याय करते-करते साधक आत्मविद्या को प्राप्त होता है. उपासिका ममता बोथरा ने कहा कि स्वाध्याय एक महकता गुलशन है, जिसके सौरभ से मन प्रसन्न होता है तथा विचारों की पवित्रता बढ़ती है. ज्ञानावरणीय कर्म का क्षय होता है मौके पर श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के अध्यक्ष शांतिलाल लोढ़ा, मंत्री प्रकाश कोठारी, तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्ष कनक जैन, मंत्री आरती पारख एवं तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष सिध्दार्थ चोरड़िया तथा गौरव लोढा व मीडिया प्रभारी सुरेश बोथरा सहित जयचंद, सुशील, राजू, अरिहंत, शशि, रेणु चौरड़िया, सरोज छलानी आदि मौजूद थे. यह">https://lagatar.in/bokaro-assembly-public-accounts-committee-reviewed-the-schemes/">यह

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