Bokaro : बोकारो सेक्टर-2 ए स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास व भारतीय भाषा मंच बोकारो के संयुक्त पहल पर अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर एक दिवसीय संगोष्ठी आयोजित की गई. कार्यक्रम में लगभग 50 की संख्या में शिक्षक, प्रधानाचार्य, प्राध्यापक व साहित्यकार उपस्थित थे. अतिथियों का परिचय व स्वागत शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के जिला संयोजक दयाल कुमार ईश्वर ने करवाया. विषय प्रवेश करवाते हुए डॉ. निरुपमा कुमारी ने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 2023 की थीम व राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संदर्भ में बहुभाषिता पर अपने विचार रखे. विशिष्ट अतिथि आरवीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ.सत्यदेव तिवारी ने मैथिली व बांगला भाषियों की तरह अन्य भाषा भाषियों को भी अपनी मातृभाषा के सम्मान व प्रयोग के लिए सचेत किया. सहजानंद सरस्वती बीएड कॉलेज के पूर्व निदेशक डॉ.एसएम कुमार ने भाषाओं और संस्कृतियों की विविधता को देश के लिए गौरव बताया. कवयित्री डॉ.रंजना श्रीवास्तव व डॉक्टर करुणा कालिका ने भोजपुरी भाषा में अपनी कविता प्रस्तुत की. बतौर मुख्य अतिथि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास झारखंड प्रांत के सहसंयोजक महेंद्र कुमार सिंह ने अपने वक्तव्य में मातृभाषा के औचित्य व न्यास द्वारा इस संदर्भ में किए जा रहे कार्यों के विषय में विस्तार से चर्चा की. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के हिन्दी विषय के विभागाध्यक्ष डॉ.भगवान पाठक ने अपने वक्तव्य में कई घटनाओं के माध्यम से मातृभाषा के महत्व को उजागर किया. धन्यवाद ज्ञापन सेक्टर 2ए सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार ने किया। मंच संचालन का कार्य एमजीएम स्कूल के आचार्य लव कुमार ने किया. संगोष्ठी में डॉ.उदय प्रताप सिंह, प्रोफेसर मार्कंडेय पांडेय, श्रीमती पूनम, श्रीमती अम्रपाली, श्रीमती नवनीता आदि उपस्थित थे. यह">https://lagatar.in/bokaro-sankalp-srijan-organized-an-affection-meeting-ceremony-of-womens-groups/">यह
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बोकारो : शिशु विद्या मंदिर में मातृभाषा के महत्व पर संगोष्ठी आयोजित

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