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बोकारो कंकाल मामला : SC का हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार, DNA जांच के लिए सैंपल कलेक्ट करने का समय बढ़ाया

बोकारो की लापता युवती के तथाकथित बरामद कंकाल के DNA जांच के लिए युवती के माता-पिता का सैंपल 48 घंटे में लेने के झारखंड हाई कोर्ट के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने संशोधन किया है.
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  • युवती के माता-पिता का सैंपल कलेक्ट करने के समय 48 घंटे को बढ़ाकर एक सप्ताह किया
  • 48 घंटा में ब्लड सैंपल लेने के हाई कोर्ट के आदेश को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती

Ranchi:  बोकारो की लापता युवती के तथाकथित बरामद कंकाल के DNA जांच के लिए युवती के माता-पिता का सैंपल 48 घंटे में लेने के झारखंड हाई कोर्ट के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने संशोधन किया है.

 

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश के आलोक में युवती के माता-पिता का सैंपल कलेक्ट करने के 48 घंटे के समय को बढ़ाकर एक सप्ताह कर दिया है, ताकि जांच प्रक्रिया सही तरीके से पूरी हो सके.

 

हाई कोर्ट ने 16 अप्रैल को इस मामले में आर्मी हॉस्पिटल नामकुम के हेड को युवती के माता-पिता का सैंपल कलेक्ट करने के लिए 48 घंटे का समय दिया था,  

 

साथ ही इसमें SIT के हेड  को सैंपल कलेक्शन में सहयोग करने को कहा था. सैंपल कलेक्ट करने के लिए 48 घंटे का समय दिये जाने को राज्य सरकार ने विशेष अनुमति याचिका (SLP)  दायर कर  सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

 

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की SLP पर  सुनवाई करते हुए झारखंड हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि उसे हाई कोर्ट के फैसले में दखल देने का कोई आधार नहीं दिखता.

 

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट ने विशेष जांच दल (SIT) के खिलाफ कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की है और उसका ध्यान केवल उचित जांच सुनिश्चित करने पर था.इन टिप्पणियों के साथ ही सुप्रीम कोर्ट  ने  राज्य सरकार की SLP को निष्पादित कर दिया.

 

दरअसल इस मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने 16 अप्रैल को युवती का तथाकथित बरामद कंकाल  का DNA सैंपल की जांच केंद्र सरकार के कोलकाता फॉरेंसिक लैब  (CFSL) में करने का  आदेश दिया है.

 

हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से 2 सप्ताह में  DNA जांच की  रिपोर्ट  मांगी है . बरामद कंकाल पोस्टमार्टम रिम्स में करने का निर्देश दिया है. बोकारो की 18 वर्षीय युवती के  तथाकथित कंकाल का DNA टेस्ट के लिए उसके माता-पिता का सैंपल 48 घंटे में लेने को कहा था.  

 

 इस मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के आदेश के आलोक में DGP, SP बोकारो और डायरेक्टर FSL, और नयी SIT टीम हाजिर हुए थे.  नयी SIT  टीम मामले के सभी दस्तावेजों के साथ कोर्ट पहुंची थी.

 

कोर्ट ने टीम से सवाल जवाब किया था. कोर्ट ने अगली सुनवाई में भी DGP, SP बोकारो FSL, और नयी SIT टीम को हाजिर रहने का निर्देश दिया है.

 

मामले में प्रार्थी के अधिवक्ता विनसेंट रोहित  मार्की और अधिवक्ता शांतनु गुप्ता ने कोर्ट को बताया गया था कि यह कंकाल युवती का नहीं है. मामले की सुनवाई हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ कर रही है. 

 

बता दें कि इस मामले में लड़की की मां रेखा देवी  की ओर से  झारखंड हाई कोर्ट में हेवियस कॉपस  दायर की गयी है.   युवती 31 जुलाई 2025 से लापता थी. इस  मामले को लेकर बोकारो के पिंडराजोड़ा थाना में कांड संख्या 147 /2025 दर्ज किया गया था.

 

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