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बोकारो : कसमार के सुदूरवर्ती चौड़ा गांव ने दिए 7 राष्ट्रीय तीरंदाज

तीरंदाजी के गोल्ड मेडलिस्ट करण कर्मकार रांची में हैं राज्य सरकार के प्रशिक्षक

Shekhar shardendu Bokaro : बोकारो जिला मुख्यालय से 52 किमी दूर कसमार प्रखंड के अंतिम छोर पर बसा है चौड़ा गांव. समस्याओं के मकड़जाल में घिरे इस गांव ने 7 राष्ट्रीय तीरंदाज दिए हैं. राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता तीरंदाज करण कुमार कर्मकार, रजत पदक विजेता महेंद्र करमाली, मनोज करमाली, राजेंद्र करमाली, सुलेखी कुमारी, आयुष कुमार व दीपक कर्मकार जैसे धनुर्धर इसी गांव में पैदा हुए. इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर के मैराथन धावक श्रीकांत सोरेन भी इसी गांव के हैं. चौड़ा गांव हिसिम पहाड़ की तलहटी में बसा है. गांव के एक गरीब परिवार में जन्मे करण कुमार कर्मकार बांस की पारंपरिक धनुष से अभ्यास करते-करते राष्ट्रीय स्तर के धनुर्धर बन गए. करण ने तीरंदाजी का प्रशिक्षण धनबाद जिले के प्रशिक्षक मो. शमसाद से लिया. 2006 में आयोजित राज्य स्तरीय तीरंदाजी चैंपियनशिप में हिस्सा लेकर उन्होंने बोकारो जिले में तीरंदाजी की शुरुआत कर इतिहास रच दिया. इसके बाद गरीबी व तंगहाली के बावजूद करण ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने पिछले डेढ़ दशक में तीरंदाजी के क्षेत्र में एक से बढ़कर एक कीर्तिमान स्थापित कर अपने गांव समेत बोकारो जिले का नाम रोशन किया. वर्तमान में वह खेल निदेशालय झारखंड व झारखंड खेल प्राधिकरण द्वारा संचालित एकलव्य तीरंदाजी केंद्र सेंटर ऑफ एक्सेलेंस रांची में राज्य प्रशिक्षक के पद पर कार्यरत हैं.

गांव के महेंद्र करमाली जीत चुके हैं दर्जनों मेडल

चौड़ा गांव के ही महेंद्र करमाली वर्तमान में चंदनकियारी स्थित डे बोर्डिंग तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र में झारखंड सरकार के प्रशिक्षक के रूप में बच्चों को तीरंदाजी का प्रशिक्षण दे रहे हैं. महेंद्र ने भी दर्जनों बार राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर मेडल जीत चुके हैं. उन्होंने विनोवा भावे यूनिवर्सिटी में एक स्वर्ण पदक, एक रजत पदक, 2012 में कॉलेज तीरंदाजी टूर्नामेंट, हजारीबाग में स्वर्ण पदक के अलावा वर्ष 2012 से लेकर 2016 तक कई बार राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक जीत चुके हैं.

आयुष व दीपक हैं अंडर 9 तीरंदाजी टीम के पदक विजेता

आयुष कुमार व दीपक कर्मकार राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रशिक्षक करण कुमार कर्मकार के पुत्र हैं. दोनों अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए रांची में रहकर पढ़ाई के साथ-साथ तीरंदाजी का प्रशिक्षण भी ले रहे हैं. दोनों ने इसी साल 7 से 16 जनवरी तक आंध्र प्रदेश में आयोजित मिनी अंडर 9 राष्ट्रीय तीरंदाजी चैंपियनशिप में झारखंड का प्रतिनिधित्व किया था, जिसमें दोनों ने पदक भी जीता था. दोनों भाइयों ने 25 से 28 सितंबर तक जेआरडी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जमशेदपुर में आयोजित 15वीं झारखंड राज्य तीरंदाजी चैंपियनशिप में भाग लिया. दीपक कर्मकार ने अंडर 9 रिकर्व बालक वर्ग में 15 मीटर व 10 मीटर में स्वर्ण पदक जीता. साथ ही ओवरऑल स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया. कुल 3 स्वर्ण पदक के साथ प्रतियोगता में ओवरऑल चैंपियन का खिताब जीता. वहीं, आयुष कुमार ने 15 मीटर, 10 मीटर और ओवरऑल सहित कुल 3 रजत जीता. यह भी पढ़ें : बोकारो">https://lagatar.in/bokaro-procession-e-mohammadi-took-out-in-kasmar-on-eid-miladunnabi/">बोकारो

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