Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

बोकारो थर्मल : डीवीसी का बसाया विस्थापित गांव दशकों से मांग रहा मालिकाना हक

Bokaro Thermal : बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के पावर प्लांट निर्माण के लिए कई गांव को विस्थापित किया गया. कुछ विस्तापित को बोकारो थर्मल से सटे इलाके में गैरमजरूआ जमीन देकर बसाया गया, जो अब नयाबस्ती के नाम से जाना जाता है. इस नई बस्ती में 6 सौ परिवार रहते हैं. लेकिन इनका कोई ख़ातियानी अस्तित्व नहीं है. [caption id="attachment_605228" align="alignnone" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/NAYA-BASTI-2-300x225.jpg"

alt="" width="300" height="225" /> विस्थापित गांव नयाबस्ती[/caption]

लोगों का नहीं बन पा रहा आवासीय व जाति प्रमाण पत्र

नया बस्ती में बसाये गये विस्थापितों को अब तक जमीन का मालिकाना हक संबंधित कोई कागज़ात नहीं मिला है. जिसके कारण यहां के लोगों का जाति और आवासीय प्रमाण पत्र नहीं बनता है. दरअसल जाति और आवासीय प्रमाण पत्र के लिए ख़ातियानी जमीन का पट्टा और रसीद दिखाना पड़ता है, जो ढ़ाई हज़ार की आबादी वाले नया बस्ती के लोगों के पास नहीं है.

              नया बस्ती के युवक ख़ासे परेशान

नयाबस्ती में रहने वाले दिलीप यादव और विनोद यादव ने कहा कि युवाओं व छात्रों को शिक्षा व नौकरी के लिए आवासीय व जाति प्रमाण पत्र जैसे ज़रूरी कागज़ात बनाने में परेशानी हो रही है. युवा नयाबस्ती की जगह किसी दूसरे स्थान पर खरीदे गये जमीन के दस्तावेज के आधार पर प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं. विस्थापित नेता बालेश्वर यादव ने कहा कि ना ही डीवीसी और ना जिला प्रशासन इस ओर पहल कर रहा है. [caption id="attachment_605230" align="alignnone" width="290"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/DILIP-YADAV-290x300.jpg"

alt="" width="290" height="300" /> दिलीप यादव, निवासी, नयाबस्ती[/caption] [caption id="attachment_605231" align="alignnone" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/BINOD-YADAV-300x300.jpg"

alt="" width="300" height="300" /> विनोद यादव, निवासी, नयाबस्ती[/caption] [caption id="attachment_605233" align="alignnone" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/BALESHWAR-YADAV-300x300.jpg"

alt="" width="300" height="300" /> बालेश्वर यादव, विस्थापित नेता, नयाबस्ती[/caption]

32 रैयतों से लगभग 450 एकड़ जमीन डीवीसी ने लिया

1950 में डीवीसी प्रबंधन ने विस्थापित गांव नयाबस्ती के 32 रैयतों से लगभग 450 एकड़ जमीन अधिग्रहण किया था. जिसमें गणपत महतो, धुम चौधरी, बिगन गोप, ठोठन सिंह, गिरीधारी गोप, चिंतामन मियां, बुधन मियां, दिलवार मियां, गंदौरी सिंह, हीरामन गोप, दुखी गोप, गुरूचरण गोप व अन्य शामिल हैं. डीवीसी प्रबंधन ने नयाबस्ती को बसाने के लिए तीन मौजा गोविंदपुर, लुकूबाद और कंजकिरो की 181 एकड़ जमीन का पुर्नवास के लिए अधिग्रहण किया था. जिसमें 150 एकड़ में 32 रैयतों को प्लॉटिंग कर बसाया गया. लेकिन बसाये गये किसी भी विस्थापित को जमीन का मूल कागजात नहीं दिया. [caption id="attachment_605236" align="alignnone" width="224"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/JITENDRA-YADAV-224x300.jpg"

alt="" width="224" height="300" /> जितेन्द्र यादव, सांसद प्रतिनिधि[/caption]

               पीएमओ को कराया अवगत

नयाबस्ती के निवासी सह गिरीडीह सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र यादव ने पीएमओ को पत्र लिखकर मामले से अवगत कराया है. जितेंद्र यादव का कहना है कि उनके पूर्वज ने 1950 में डीवीसी को प्लांट बनाने के लिए जमीन दिया, लेकिन आज तक डीवीसी ने नयाबस्ती में बसे लोगों को एक भी कागजात नहीं दिया है. यह">https://lagatar.in/bermo-gomias-pds-dealer-fell-license-suspended-2/">यह

भी पढ़ें : बेरमो : गोमिया के पीडीएस डीलर पर गिरी गाज, लाइसेंस सस्पेंड [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही