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बोकारो थर्मल : चाईबासा पुलिस ने मोस्ट वांटेड माओवादी समर दा का घर किया कुर्क

Bokaro Thermal : चाईबासा पुलिस में बुधवार 19 अप्रैल को बेरमो अनुमंडल के पेंक नारायणपुर थाना के क्षेत्र के शीर्ष माओवादी समर दा के घर की कुर्की की. चाईबासा के सोनुआ (गुदड़ी) थाना के एसआई मंटु कुमार व स्थानीय थाना प्रभारी सुमन कुमार ने बताया कि एसडीजीएम कोर्ट चाईबासा से थाना कांड संख्या 14/2014 के मामले में निर्गत आदेश पर माओवादी समर दा उर्फ अनमोल का घर कुर्क किया गया. इस अभियान में थाना प्रभारी सुमन कुमार, एसआई मुन्ना कुमार राणा, सोनुआ (गुदड़ी) थाना के एसआई मन्टू कुमार सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे. [caption id="attachment_613370" align="alignnone" width="200"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/SAMAR-DA-200x300.jpg"

alt="" width="200" height="300" /> माओवादी समर दा की फ़ाइल फ़ोटो[/caption]

                एनआईए भी दे चुकी है दस्तक

समर दा उडीसा एसडीएस (संबलपुर-देवनगर-सुंदरगढ़) डिवीजन का प्रभारी सह झारखंड, बिहार व उडीसा की संयुक्त कमेटी का शीर्ष माओवादी नेता है. समर दा उर्फ अनमोल दा उर्फ सुंशात उर्फ लालचंद हेम्ब्रम को सरेंडर कराने के लिए चाईबासा पुलिस हर हथकड़ा अपना रहीं है. एक दिन पहले एनआईए रांची की टीम ने माओवादी समर दा के पेंक-नारायणपुर थाना क्षेत्र स्थित इटवाबेड़ा-जरवा गांव (बंशी) स्थित उसके घर में दबिश थी, लेकिन वह नहीं मिला. आखिर में एनआईए की टीम गांव के चौक-चौराहों पर इश्तेहार चिपकाकर बैरंग लौट गयी. इससे पहले इसी साल 5 व 21 जनवरी और 12 फरवरी को चाईबासा पुलिस समर दा की तलाश में उसके घर में दबिश दे चुकी है.

                         क्या है मामला

12 मई 2014 को सोनुआ (गुदड़ी) थाना की पुलिस ने गुप्त सूचना पर थाना क्षेत्र के तलंगजीरा जंगल से हथियार, कारतूस, डेटोनेटर और भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ बरामद किया था. इस मामले में पेंक-नारायणपुर (नावाडीह) थाना क्षेत्र के इटवाबेड़ा-जरवा (बंशी) गांव निवासी मोस्ट वांटेड माओवादी समर दा उर्फ अनमोल दा उर्फ सुंशात उर्फ लालचंद हेम्ब्रम को थाना कांड संख्या 14/2014 के तहत नामजद अभियुक्त है. सोनुआ (गुदड़ी) पुलिस 9 साल से उसे तलाश कर रहीं है. लेकिन हर बार वह पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा है.

         माओवादी समर दा पर 25 लाख का इनाम

मोस्ट वांटेड माओवादी समर दा पर पुलिस ने 25 लाख का इनाम घोषित कर रखा है. किशोरव्यवस्था में हथियार उठाने के बाद माओवादी समर दा को बहुत कम लोग ही जानते है. 40 उम्र पार कार चुका समर को गांव के कुछ ही लोग ही पहचानते हैं. यह">https://lagatar.in/bokaro-bokaro-development-forums-silent-sit-in-on-satyapal-maliks-questions/">यह

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