alt="" width="300" height="225" /> बोकारो थर्मल में प्लांट गेट जाम करते विस्थापित[/caption]
डीवीसी प्रबंधन पर बरसे जमकर विधायक
विधायक बिनोद कुमार सिंह ने डीवीसी प्रबंधन को फटकार लगाते हुए कहा कि वर्ष 1991 में तत्कालीन सांसद स्व. बिनोद बिहारी महतो के साथ त्रिपक्षीय समझौता को डीवीसी प्रबंधन यथाशीघ्र बहाल करें. कहा कि यहां के विस्थापित भूखे मर रहें है और बाहरी मजदूरों से प्लांट में काम करवाया जा रहा है. 13 अप्रैल से प्लांट के मुख्य द्वार पर विस्थापित अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल आंदोलन पर हैं, लेकिन डीवीसी के किसी एक अधिकारी ने बात करना भी मुनासिब नहीं समझा. इस कारण आठ आंदोलनकारियों की तबीयत बिगड़ गयी. इस आंदोलन में मुख्य रूप से माले नेता बालगोबिंद मंडल, रघुवीर राय, बालेश्वर गोप, जवाहर प्रसाद, बालेश्वर यादव, करीम असांरी, वाजीद हुसैन, राजेन्द्र राम, सुरेन्द्र घासी, भोला यादव, छत्रधारी गोप, तिलकधारी महतो, मुबारक असांरी, मिथिलेश रजवार, उमेश यादव, नारायण केवट सहित विस्थापित व रैयत शामिल थे. यह">https://lagatar.in/bermo-there-was-love-there-was-an-argument-people-explained-and-saat-phera-was-accepted/">यहभी पढ़ें : बेरमो : प्यार हुआ, तकरार हुआ...लोगों ने समझाया और ‘सात फेरा’ स्वीकार हुआ [wpse_comments_template]

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