इस साल तीन बार आ चुकी है पुलिस
इससे पहले भी चाईबासा पुलिस समर दा की तलाश में यहां पहुंच चुकी है. इश्तेहार भी चिपकाया है, लेकिन आज तक वह पुलिस के पकड़ से बाहर है. बता दें कि इस वर्ष के 5 जनवरी, 21 जनवरी और 13 फरवरी को पुलिस उसकी तलाश में यहां पहुंच चुकी है. इस बार एनआईए की टीम पहुंची है.क्या है मामला
5 जनवरी 2022 को पश्चिमी सिंहभूम के झिलरूवा स्थित प्रोजेक्ट प्लस टू स्कूल परिसर में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व विधायक गुरूचरण नायक बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे. इसी दौरान माओवादियों ने हमला कर दिया. नायक वहां से जान बचाकर भाग गए थे लेकिन उनके दो अंगरक्षक ठाकुर हेम्ब्रम व शंकर नायक शहीद हो गए थे. माओवादियों ने दोनों अंगरक्षकों का हथियार भी लूट लिया था. इस मामले में माओवादी समर दा उर्फ अनमोल दा उर्फ सुंशात उर्फ लालचंद हेम्ब्रम गोइलकेइरा थाना कांड संख्या 01/2022 के तहत नामजद अभियुक्त है. बाद में इस मामले को एनआईए को हेंडओवर किया गया था. इसी मामले में एनआईए ने समर दा के घर और आसपास के इलाकों में इश्तेहार चिपकाया है. एक बार चाईबासा पुलिस माओवादी समर दा का घर कुर्क भी कर चुकी है.वर्ष 2000 में घर से निकला समर
23 साल पूर्व समर घर से निकला और 16 वर्ष की उम्र में माओवादी संगठन में शामिल हो गया. समर दा उर्फ अनमोल दा उर्फ सुंशात उर्फ लालचंद हेम्ब्रम के नाम से प्रसिद्ध वह नक्सली संगठन में अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग नाम से जाना जाता है. जिस रात वह घर से निकला उस दिन उसके पिता धानु मांझी का दशकर्म था. कार्यक्रम पूरा किया और घर से निकल गया. यह">https://lagatar.in/bermo-union-leaders-objected-to-the-order-to-ban-sunday-duty/">यहभी पढ़ें : बेरमो : संडे ड्यूटी पर रोक के आदेश पर यूनियन नेताओं ने जताया एतराज़ [wpse_comments_template]

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