alt="" width="300" height="134" /> सूखी नदी[/caption] Bokaro thermal: नावाडीह प्रखंड अंतगर्त उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र ऊपरघाट क्षेत्र में प्रसिद्ध बड़की नदी इस क्षेत्र की जीवनदायिनी नदी है. इस नदी से क्षेत्र के 06 पंचायतों के लगभग 30-35 हजार की आबादी को लाभ मिलता रहा है. लेकिन इस भीषण गर्मी के कारण यह नदी सूखने के कगार पर है जिससे ग्रामीण हताश है. इस नदी में एक दर्जन छोटे-छोटे नालें हैँ जो पहाड़ों से गुजर इस नदी में मिलती है. दरअसल उक्त नाला ही सूखने लगा है. लिहाजा नाला से पानी का बहाव नदी में नहीं हो पा रहा है. जिसके कारण नदी का पानी सूखने लगा है. ग्रामीण महिलाएं रेत में चुंआ खोदकर पानी संग्रह कर पानी लेकर जाने को मजबूर हैं.वहीं पोखरिया पंचायत का मोचरो नाला और दुमूहान-जरवा नाला भी सूख गया है. कौन-कौन गांव हैं प्रभावित ऊपरघाट क्षेत्र के पोखरिया के मोचरो, कुजूबेड़ा, डोकवाटांड, गोंदलीगोड़ा, पेंक के कडरूखुट्टा, नदी बहियार, सिसवा, गोड़गोड़वा, हरैयागढ़ा, काच्छो, कोरियाबेड़ा, गोवारडीह, गोनियांटो,परसाबेड़ा, झलकिया, कंजकिरो, नयाबस्ती सहित अन्य कई गांव प्रभावित हैं. [caption id="attachment_657703" align="alignnone" width="300"]
alt="" width="300" height="134" /> चुआं से पानी भर कर ले जाती महिलाएं[/caption] इस क्षेत्र में कई जोरिया, नाले व प्राकृतिक जल स्रोत हैं, जिससे सुबह से शाम तक लोगों की दिनचर्या जुड़ी है. लेकिन इस भीषण गर्मी के कारण ऐसी सभी जल स्रोतों में भी पानी नहीं बचा है. एक कारीपानी-बड़कीबेला व दूसरा जोरिया नावाडीह बेला के पिपराबेडा जंगल से निकलकर आती है. जो जोरिया सीसीएल के सीएचपी प्लांट से होकर गुजरती है जो बाद में दामोदर में मिलती है। यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=657128&action=edit">यह
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