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बोकारो थर्मल : बेमौसम बादल बरसे तो भीगे कई नैन, फसल हुई नष्ट और किसान हैं बेचैन

Bokaro Thermal : बेरमो अनुमंडल में कई दिनों से हो रही बेमौसम बारिश से किसान परेशान हैं. खेतों में गेहूं समेत अन्य रबी फसलें पककर तैयार हो चुकी हैं. लेकिन असमय हुई वर्षा से फसलें बर्बाद हो रही है. किसानों ने कहा कि अब फसलों के सड़ने का खतरा मंडराने लगा है. खलिहान में भी रखे सरसों और गेंहू भीग जाने से गुणवत्ता खराब हो रही है. फसलों को बेचने में परेशानी होगी. पूरी कीमत नहीं मिल पाएगी.

         ओलावृष्टि से कोठी और कंजकिरो गांव के किसान परेशान

ऊपरघाट में रुक-रुककर ओलावृष्टि और असमय बारिश से किसान परेशान हैं. नुनूचंद महतो ने बताया कि मुंगो-रंगामाटी पंचायत के कोठी गांव में 35 एकड़ से भी अधिक खेत में गेहूं, गोभी, मटर व धनिया पत्ता लगाया था, जो ओलावृष्टि से बर्बाद हो गया. ज़िले में कृषि मामले में कोठी गांव अव्वल स्थान रहता है. वहीं सब्ज़ी की खती के लिए मशहूर कंजकिरो गांव की खेतों में लगे कद्दू, खीरा, प्याज, गोभी, मिर्चा आदि की फसलों को काफी नुकसान हुआ है.

                 क्या कहते हैं कृषि पदाधिकारी

कृषि विभाग के एटीएम बिनोद जायसवाल ने माना कि असमय वर्षा से गेहूं, आलू व हरी सब्जियों को नुकसान होने की आशंका है. किसानों को यथाशीघ्र खेतों से पानी निकालने की व्यवस्था करनी होगी. साथ ही वर्षा रुकने के बाद बायोजाइम जैसे शक्तिवर्द्धक टॉनिक का छिड़काव कर फसलों को बचाया जा सकता है.

                   किसानों पर पड़ी दोहरी मार

कोठी गांव के किसान नुनूचंद महतो, गोनियाटो के गंगाराम महतो, पिपराडीह गांव के नारायण महतो, जगदीश महतो, नंदलाल महतो, नावाडीह गांव के शशि शेखर रंजन ने बताया कि बीते साल खरीफ के मौसम में बारिश नहीं होने से धान समेत अन्य खरीफ फसलों की उपज नहीं हो पायी थी. नुकसान की भरपाई करने के लिए किसानों ने इस वर्ष भारी मात्रा में गेहूं समेत अन्य रबी फसलों की बुआई की. अब रबी फसल भी वर्षा से बर्बाद हो रही है. यह">https://lagatar.in/bermo-7-year-old-student-dies-due-to-drowning-in-a-well/">यह

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