Dinesh Kumar Pandey Chas चास नगर निगम विभिन्न वार्डो से निकलने वाले कचरों को डंपिंग करने के लिए माथापच्ची कर रहा है. कचरा निस्तारण प्लांट आज तक नहीं लगा, जबकि स्थल का चयन भी हो चुका है. निगम क्षेत्र में पिछले 1 वर्ष के अंदर 17 स्थानों पर कचरा गिराया जा चुका है. क्षेत्र में कचरा डंपिंग का विरोध होने पर हर बार नए जगह का उपयोग होता रहा. जिस कारण लगातार अलग-अलग स्थानों पर निगम क्षेत्र का कचरा फेंका जाता है. इससें नगरवासियों में काफी आक्रोश है. लोगों की मानें तो ऐसा कचरा उठाव का क्या मतलब है, जो वार्ड मोहल्लों से उठे कचरों को वार्ड में ही डंप किया जाय. जबकि नगर निगम प्रशासन केवल कचरा उठाव पर प्रतिमाह लाखों रूपयें का भुगतान कर रही है. कचरा प्लांट चालू होने के बाद क्षेत्र में कचरा उठाव को लेकर एजेंसी की बहाली होनी थी. एजेंसी कर्मी के अनुसार प्रतिदिन क्षेत्र से 40 टन कचरा का उठाव होता है. इसे भी पढ़ें-गुड़ाबांदा">https://lagatar.in/gudabanda-the-sand-is-being-looted-from-the-kenduapal-ghat-of-the-swarnrekha-river-the-administration-became-a-spectacle/">गुड़ाबांदा
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बदलते रहे डंपिंग स्थल
कचरा चास के आईटीआई मोड़, प्रखंड कार्यालय के समीप, नवचेतन कापरेटिव के समीप, हाईवे, अमृत पार्क के समीप, गरगा पुल के समीप, बाजार समिति, भोलूरबांध के समीप कचरा फेंका जाता है. इन क्षेत्रों में लोगों के विरोध के बाद अभी दूसरे क्षेत्रों में कचरा फेंकने की तैयारी है. आजतक इसका स्थाई रूप से समाधान नहीं हो पाया.एक दशक से जारी है प्रयास
निगम क्षेत्र में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को धरातल पर उतारने का प्रयास पिछले एक दशक से जारी है. कचरा प्लांट को लेकर कालापत्थर के समीप जमीन का भी चयन दस वर्ष पूर्व किया जा चुका है. दूसरे जगह के लिए सेक्टर 11 में स्थल चयन हुआ है, लेकिन अब तक कचरा निस्तारण प्लांट निर्माण कागजी प्रक्रिया में ही है. स्थानीय लोगों के विरोध के कारण अब तक मामला अधर पर लटका है. नगर निगम प्रशासन भी सुस्त पड़ा हुआ है. इससे लग रहा है कि आगे एक वर्ष के अंदर भी प्लांट निर्माण होने की कोई संभावना नहीं है. आगे भी जहां तहां कचरों के डंपिंग की समस्या बनी रहेगी. इसे भी पढ़ें-धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-woman-accuses-bjp-leader-of-threatening-to-kill-her/">धनबाद: महिला ने भाजपा नेता पर लगाया जान मारने की धमकी देने का आरोप
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