Bokaro : आदिवासी समाज ने बोकारो के सेक्टर 12 स्थित बिरसा बासा में सोमवार को समारोह आयोजित कर खरसावां के शहीदों को श्रद्धांजलि दी. भगवान बिरसा मुंडा और संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर प्रतिमा स्थल के पास समारोह में समाज के लोगों ने प्रतीकात्मक तस्वीर पर फूल-माला चढ़ाकर, दीप जल कर और दिरी दुल सुनुम तेल डालकर पारंपरिक तरीके से शहीदों की कुर्बानियों को याद किया. इससे पूर्व दियूरी गंगाधर पूर्ति ने आदिवासी रीति-रिवाज से पूजा-अर्चना की. समारोह को संबोधित करते हुए समाजसेवी योगो पूर्ति ने कहा कि आजादी के करीब पांच महीने बाद एक जनवरी 1948 को जब देश आजादी के साथ-साथ नए साल का जश्न मना रहा था, तब खरसावां आजाद भारत के जलियांवाला बाग कांड का गवाह बन रहा था. उस दिन साप्ताहिक हाट का दिन था. ओडिशा सरकार ने पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया था. खरसावां हाट में करीब 50 हजार आदिवासियों की भीड़ पर मिलिट्री पुलिस गोली चला रही थी. पूर्ति ने कहा कि सरायकेला-खरसावां को ओडिशा में विलय की बजाय यथावत रखने की मांग पर जनता आंदोलित थी. एक जनवरी को कोल्हान इलाके से बड़े-बुजुर्ग, जवान, बच्चे जयपाल सिंह मुंडा को सुनने-देखने गए थे. जयपाल सिंह मुंडा अलग झारखंड राज्य का नारा बुलंद किए हुए थे. तभी पुलिस ने भीड़ पर गोली चला दी. समारोह में रवि मुंडा ने भी विचार रखे. कार्यक्रम की अध्यक्षता रेंगो बिरुआ ने की. मौके पर मास्टर मुंडा, सोनाराम गोडसोरा, उर्मिला लोहार, किरण बिरूली, कालीचरण किस्कू, विजय मरांडी, डॉ राजेंद्र, दीपक सवैंया, शुक्रमुनी मुंडा, घनश्याम बिरूली, तुराम बिरूली, बसमती बिरूली, हीरालाल दोंगो, जुश्फ कश्यप, रानी गोडसोरा, नानिका पूर्ति, शंभू सोय समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे. यह भी पढ़ें : बोकारो">https://lagatar.in/bokaro-meeting-regarding-20th-ispatanchal-swadeshi-fair/">बोकारो
: 13 से 21 जनवरी तक 20वां इस्पातांचल स्वदेशी मेला का होगा आयोजन [wpse_comments_template]
: 13 से 21 जनवरी तक 20वां इस्पातांचल स्वदेशी मेला का होगा आयोजन [wpse_comments_template]
Leave a Comment