Bokaro : नगर के सेक्टर-5 स्थित श्री अय्यप्पा मंदिर के प्रांगण में दक्षिण भारत की संस्कृति की अनुपम छटा उतरी रही. नई प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पी.राजगोपाल के निर्देशानुसार महासचिव ईएस.सुशीलन द्वारा पहली बार बोकारो के अय्यप्पा मंदिर में पोंगाला पूजा की शुरूआत हुई. जो केरल के आट्टुकाल देवी मंदिर के पोंगाला पूजा महोत्सव का एक हिस्सा है. केरल में यह त्योहार बहुत ही बड़े पैमाने पर धूमधाम से मनाया जाता है. सबसे पहले सुबह 5:30 मे श्री गणेश जी की पूजा, वंदना और हवन के बाद आदि पराशक्ति देवी की पूजा हुई. देवी जी के मंदिर में प्रज्ज्वलित दीप से बह्ममश्री मनोज नमबोदरी ने अग्नि पंडारा अडुपू मे प्रज्वलित कर वहां उपस्थित व्रती महिलाओं को पोंगल बनाने के लिए दिया. इसे नये चावल, गुड़ और नारियल से मिट्टी के कलश में बनाया जाता है, इसलिए इसे पोंगल कहते हैं. लोग यह त्योहार भगवती को धन्यवाद देने, अपनी मनोकामनाएं पूरी करने और उनका आशीर्वाद हमेशा प्राप्त करने के लिए मानते हैँ. इसका भोग सृष्टि की पालनहार देवी को लगाकर व सबके बीच में इस प्रसाद का वितरण कर सबकी मनोकामना पूर्ण करने व सबके अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हैं. इस पूजा मे लगभग 150 लोग सम्मिलित हुए, जिसमे अय्यप्पा सेवा संघम के उपाध्यक्ष शशि कराट व संघम के अन्य सदस्यगण बी.शाजिन, बाबू राज के साथ साथ संघम के पूर्व अध्यक्ष सतीश नायर, पूर्व महासचिव डी.शशि कुमार आर., अयप्पा पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल पी. शैलजा जयकुमार भी उपस्थित थे और सबने पराशक्ति माता का आशीर्वाद ग्रहण किया. यह">https://lagatar.in/bokaro-safety-paramount-imbibe-it-in-your-lifestyle-amarendu/">यह
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