Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

प्रशांत किशोर के निशाने पर भाजपा-कांग्रेस दोनों, कहा, नेशनलिज्म का ठेका भाजपा, सेकुलरिज्म का सर्टिफिकेट देने का ठेका कांग्रेस के पास

Advertisement
Advertisement
NewDelhi : जिस तरह से देश में नेशनलिज्म का सर्टिफिकेट देने का ठेका भाजपा ने लिया है, उसी तरह सेकुलरिज्म का नया ठेका कांग्रेस के पास है. चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने यह कहते हुए  कांग्रेस पर तंज कसा है. इस नये बयान में प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के सेकुलरिज्म पर सवाल उठाते हुए हल्ला बोला है. जान लें कि कुछ दिन पहले तक राजनीतिक हलकों में प्रशांत किशोर के बारे में चर्चा थी कि वह कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं, लेकिन अब उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ ही मोर्चा खोल रखा है.

कांग्रेस सोचती है, एंटी बीजेपी स्पेस उसका है

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में प्रशांत किशोर कह रहे हैं कि जैसे देश में नेशनलिज्म का सर्टिफिकेट देने का ठेका बीजेपी ने लिया है, उसी तरह सेकुलरिज्म का नया ठेका कांग्रेस के पास है.  किशोर ने कहा कि अजीब बात है कि कांग्रेस लड़े, ना लड़े, जीते-हारे लेकिन एंटी बीजेपी का स्पेस उनका है, और जो लोग भी बीजेपी से लड़कर, बीजेपी को हरा रहे हैं या हराने का प्रयास कर रहे हैं. वह  कांग्रेस को सूट नहीं कर रहा है, तो वह बीजेपी के एजेंट हो गये.

आप बीजेपी से लड़ रहे हैं, हराइए उनको

तो जैसे देश में नेशनलिज्म का सर्टिफिकेट देने का ठेका बीजेपी ने ले रखा है, वैसे देश में एंटी मोदी और सेकुलरिज्म का सर्टिफिकेट देने का नया ठेका कांग्रेस वालों ने ले लिया हे. प्रशांत किशोर के अनुसार कांग्रेस चुनाव लड़े और बीजेपी को हराये. प्रशांत किशोर ने कहा, आप चुनाव लड़िए. 60-70 प्रतिशत सीटों पर आप बीजेपी से लड़ रहे हैं, हराइए उनको, क्यों छोटे-मोटे लोगों के चक्कर में आप पड़ रहे हैं.

कहा था, कांग्रेस एक मजबूत विपक्ष के लिए महत्वपूर्ण है...

जान लें कि यह पहली बार नहीं है जब प्रशांत किशोर ने कांग्रेस या कांग्रेस नेतृत्व को कटघरे में खड़ा किया हो. टीएमसी को देशभर में विस्तार कराने की कोशिशों में लगे प्रशांत किशोर इन दिनों में सीधे   कांग्रेस की आलोचना कर रहे हैं. इससे पहले प्रशांत किशोर ने सीधे  राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि कांग्रेस एक मजबूत विपक्ष के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन किसी भी व्यक्ति के पास उसके नेतृत्व का दिव्य अधिकार नहीं है. खासकर, जब पार्टी पिछले 10 वर्षों में 90 फीसदी से अधिक चुनाव हार गयी है. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही