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BPSC विरोध : प्रशांत किशोर को पुलिस ने किया गिरफ्तार, समर्थकों के साथ झड़प

 
गांधी मैदान में अवैध धरना का आरोप Patna :  बिहार में बीपीएससी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. दोबारा परीक्षा लेने की मांग को लेकर चार दिनों से गांधी मैदान में  आमरण अनशन पर बैठे जन सुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर को पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस दौरान पुलिस ने  प्रशांत किशोर को थप्पड़ भी जड़ा. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पुलिस ने पीके पर गांधी मैदान में अवैध रूप से धरना देने का आरोप लगाया है. जनसुराज के मुखिया को पुलिस कोर्ट में पेश करेगी. https://twitter.com/ANI/status/1876037772609454397

https://twitter.com/ANI/status/1876074914446528766

दरअसल प्रशांत किशोर पिछले चार दिन से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे. पुलिस ने सोमवार की अहले सुबह करीब चार बजे प्रशांत किशोर हिरासत में ली और एंबुलेंस से एम्स लेकर गयी. लेकिन पीके ने इलाज करने से मना कर दिया और कहा कि वो आमरण अनशन जारी रखेंगे. इधर पटना पुलिस प्रशांत किशोर को जब एम्स लेकर पहुंची तो पीके के समर्थक और बीपीएससी अभ्यर्थियों ने खूब बवाल मचाया.  सभी एंबुलेंस के आगे लेट गये. पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की तो उनकी पीके के समर्थक व अभ्यर्थी से झड़प हो गयी है. इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया. झड़प के बाद पुलिस प्रशांत किशोर को नौबतपुर ले गयी. जनसुराज ने अपने एक्स हैंडल पल पोस्ट शेयर कर नीतीश सरकार को कायर कहा है. पोस्ट में लिखा कि  नीतीश कुमार की कायरता देखिए, उनकी पुलिस ने पिछले पांच दिनों से ध्वस्त शिक्षा और भ्रष्ट परीक्षा के खिलाफ आमरण अनशन कर रहे प्रशांत किशोर को रात चार बजे जबरन हिरासत में लिया. साथ में बैठे हजारों युवाओं को अज्ञात जगह पर ले गयी. एक अन्य पोस्ट में लिखा कि पुलिस प्रशासन ने प्रशांत किशोर को गांधी मैदान से एम्स ले जाकर अनशन तुड़वाने का प्रयास किया. अनशन तुड़वाने में विफल होने पर प्रशासन, प्रशांत किशोर को नये जगह पर ले जाने की कोशिश कर रही है. एम्स के बाहर प्रशांत किशोर को देखने उमड़ी भीड़ पर पुलिस ने बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया.  कहा कि छात्रों और समर्थकों से डरकर बिहार पुलिस पिछले 5 घंटे से प्रशांत किशोर को इधर-उधर लेकर घूम रही है. बता दें कि प्रशांत किशोर दो जनवरी की शाम से पटना के गांधी मैदान में बापू की प्रतिमा के पास आमरण अनशन पर बैठे हैं. पीके ने बीपीएससी की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा में हुई अनियमितता व भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कराने और परीक्षा रद्द कर फिर से परीक्षा लेने की मांग की है. साथ ही साल 2015 में सात निश्चय के तहत किये गये वादे के तहत 18 से 35 साल के बेरोजगार युवा को बेरोजगारी भत्ता देने और पिछले 10 सालों में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितता व पेपर लीक की जांच और दोषियों पर की गई कार्रवाई पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है.
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