आचार्य ने सुनाई दोनों भाइयों के बलिदान की गाथा
आचार्य कपिल प्रमाणिक ने दोनों भाइयों के बलिदान की गाथा सुनाई. कहा कि गुरु गोविंद सिंह के नौकर ने ही उनके दोनों छोटे बेटों की मुखबिरी कर दी थी और गवर्नर वजीर खां ने उनको मारने आदेश दिया था. वजीर खां ने गुरु के दोनों छोटे बेटो को इस्लाम धर्म कबूल करने के बाद जान बख्शने की बात कही थी. लेकिन छह और आठ साल के इन मासूमों ने ऐसा करने से मना कर दिया. इसके बाद वजीर खां ने उनको जिंदा दीवार में चुनवाने का आदेश दिया. विद्यालय के आचार्या रेनू गुप्ता ने एक गीत के माध्यम से उनके बलिदान की जानकारी दी. कक्षा नौ की छात्रा रुपाली ने फतेह सिंह एवं जोरावर सिंह की जीवनी को प्रस्तुत किया. मंच का संचालन कक्षा दसवीं की छात्रा प्रज्ञा एवं प्रतिभा शर्मा ने किया. कार्यक्रम में रजनी नाग, रितेश रंजन गुप्ता, आलोक पांडेय,आकाश सेन, दिपक दास, सलमान हो जाई, फूलचंद सिंह, राधेश्याम मिश्र, ओंकार नाथ सहाय,रुबी, उपासना, खुशबू, शील्पा, गीता कुमारी आदि उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें – 28">https://lagatar.in/on-28th-cm-will-give-gift-to-56-lakh-women-amount-of-mainiya-scheme-will-be-transferred/">28को CM देंगे 56 लाख महिलाओं को तोहफा, मंईयां योजना की राशि होगी ट्रांसफर
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