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टपक सिंचाई योजना में गोलमाल, ऐसे हुई बंदरबांट

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Amit Singh Ranchi: झारखंड में प्रधानमंत्री टपक सिंचाई (ड्रॉप मोर क्रॉप) योजना में गोलमाल है. हजारीबाग के चौपारण, इचाक और चूरचू में अनियमितता का मामला पकड़ में आया. इसके बाद कृषि निदेशालय ने मामले की जांच के लिए सभी उपायुक्तों को पत्र लिखा था, जिसके बाद पलामू व गिरिडीह के कई प्रखंडों में योजना में किसानों के आधार कार्ड के दुरुपयोग का मामला सामने आया है. अबतक की जांच में पता चला है कि जिन किसानों के आधार कार्ड जमा कर राशि की निकासी की गई है, उन किसानों को योजना की जानकारी तक नहीं है. अब इस मामले में गहन जांच शुरू हो गई है. जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आने की बात कही जा रही है. झारखंड में टपक सिंचाई योजना में जिस एजेंसी को किसानों के आधार कार्ड सहित अन्य जांच की जिम्मेवारी सौंपी गई है, उस एजेंसी के क्रियाकलापों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. अब तक की जांच में पता चला है कि फर्जी दस्तावेज पर ही फर्जी किसानों को योजना का लाभ दिया गया है. योजना के तहत ऐसे किसानों को राशि का भुगतान हुआ है, जिसकी विस्तृत जानकारी तक उपलब्ध नहीं है. उन किसानों का कोई रिकार्ड भी नहीं है. कृषि निदेशालय का भी मानना है कि योजना के तहत सत्यापन में लापरवाही बरती गयी है. आपूर्तिकर्ता कंपनी और स्थानीय वेंडर की ओर से की गई अनियमितता सामने आ रही है. जिन किसानों के खेतों में उपकरण लगे ही नहीं है, उन किसानों को भी भुगतान किया गया है.

जानें क्या है टपक सिंचाई योजना

झारखंड में प्रधानमंत्री टपक सिंचाई योजना के तहत किसानों को 90 फीसदी सब्सिडी का लाभ दिया जाता है. प्रदेश में इस योजना की शुरुआत 2011 में हुई. योजना का मुख्य उद्देश्य पानी बचाते हुए बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है. योजना का क्रियान्वयन कृषि निदेशालय की देखरेख में होता है, जिसके अंतर्गत सक्षम संस्थाओं द्वारा जिलास्तर पर किसानों से आवेदन लिया जाता है. किसानों के आवेदन की जांच के बाद जिला स्तर पर राज्यादेश जारी किया जाता है. दूरदराज के जिलों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में टपक सिंचाई की आपूर्ति और भौतिक परीक्षण के नाम पर बड़े स्तर पर अनियमितता सामने आई है.

सिस्टम लगा ही नहीं, निकाल लिये गये पैसे

टपक सिंचाई योजना का लाभ उन किसानों को भी दिया गया, जिन्हें इस योजना की जरूरत ही नहीं थी. इतना ही नहीं योजना के लाभ के लिए सिर्फ किसान के आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया. उसके नाम से जो पैसा आया, वो भी निकाल लिया गया, पर किसान के खेत में एक भी पाइप नहीं लगा है. अबतक तीन जिलों में ऐसी अनियमितता सामने आ चुकी है. कृषि सचिव अबु बकर सिद्दीक पी योजना में अनियमितता को लेकर गंभीर हैं. उन्हेंने सभी डीसी को जांच कर रिपोर्ट निदेशालय को भेजने का निर्देश दिया है. [wpse_comments_template]

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