Amit Singh Ranchi: झारखंड में प्रधानमंत्री टपक सिंचाई (ड्रॉप मोर क्रॉप) योजना में गोलमाल है. हजारीबाग के चौपारण, इचाक और चूरचू में अनियमितता का मामला पकड़ में आया. इसके बाद कृषि निदेशालय ने मामले की जांच के लिए सभी उपायुक्तों को पत्र लिखा था, जिसके बाद पलामू व गिरिडीह के कई प्रखंडों में योजना में किसानों के आधार कार्ड के दुरुपयोग का मामला सामने आया है. अबतक की जांच में पता चला है कि जिन किसानों के आधार कार्ड जमा कर राशि की निकासी की गई है, उन किसानों को योजना की जानकारी तक नहीं है. अब इस मामले में गहन जांच शुरू हो गई है. जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आने की बात कही जा रही है. झारखंड में टपक सिंचाई योजना में जिस एजेंसी को किसानों के आधार कार्ड सहित अन्य जांच की जिम्मेवारी सौंपी गई है, उस एजेंसी के क्रियाकलापों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. अब तक की जांच में पता चला है कि फर्जी दस्तावेज पर ही फर्जी किसानों को योजना का लाभ दिया गया है. योजना के तहत ऐसे किसानों को राशि का भुगतान हुआ है, जिसकी विस्तृत जानकारी तक उपलब्ध नहीं है. उन किसानों का कोई रिकार्ड भी नहीं है. कृषि निदेशालय का भी मानना है कि योजना के तहत सत्यापन में लापरवाही बरती गयी है. आपूर्तिकर्ता कंपनी और स्थानीय वेंडर की ओर से की गई अनियमितता सामने आ रही है. जिन किसानों के खेतों में उपकरण लगे ही नहीं है, उन किसानों को भी भुगतान किया गया है.
टपक सिंचाई योजना में गोलमाल, ऐसे हुई बंदरबांट
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