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BREAKING : दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन, सीएम हेमंत ने दी जानकारी

दिशोम गुरु शिबू सोरेन नहीं रहे. इसकी जानकारी सीएम हेमंत सोरेन ने खुद एक्स पर पोस्ट कर दी है. उन्होंने लिखा कि आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं. आज मैं शून्य हो गया हूं. शिबू सोरेन के निधन की खबर से झारखंड में शोक की लहर है.  बता दें कि शिबू सोरेन लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उनका इलाज दिल्ली के गंगा राम अस्पताल में चल रहा था.
 

RANCHI :   दिशोम गुरु शिबू सोरेन नहीं रहे. दिल्ली के गंगा राम अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली. इसकी जानकारी सीएम हेमंत सोरेन ने खुद एक्स पर पोस्ट कर दी है. उन्होंने लिखा कि आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं. आज मैं शून्य हो गया हूं. शिबू सोरेन के निधन की खबर से झारखंड में शोक की लहर है.  

 

वर्तमान में राज्यसभा के सांसद थे गुरु जी

शिबू सोरेन को 'दिशोम गुरु' के नाम से जाना जाता है, वह झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और अध्यक्ष थे. उनका जन्म 11 जनवरी 1944 को रामगढ़ जिला के नेमरा गांव में हुआ था. पिता शोभराम सोरेन की हत्या के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया. सोरेन ने झारखंड अलग राज्य आंदोलन का नेतृत्व किया, जिसके फलस्वरूप 2000 में झारखंड बना. वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे और दुमका से आठ बार सांसद चुने गए. वर्तमान में वे राज्यसभा सांसद थे. 

 

शिबू सोरेन की जिंदगी से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण तारीखें

- 11 जनवरी 1944 : जन्म, नेमरा गांव, रामगढ़ (तत्कालीन हजारीबाग), झारखंड (तत्कालीन बिहार).

- 1957 :  पिता सोबरन सोरेन की हत्या, जिसके बाद शिबू ने सामाजिक और राजनीतिक सक्रियता बढ़ाई.

- 4 फरवरी 1973  : झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की स्थापना.

- 15 नवंबर 2000 : झारखंड राज्य का गठन, जिसमें सोरेन के आंदोलन की अहम भूमिका.

- 2 मार्च से 12 मार्च 2005 : पहली बार 10 दिनों के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री बने, 

- 27 अगस्त 2008 से 11 जनवरी 2009 : दूसरी बार मुख्यमंत्री बने.

- 30 दिसंबर 2009 से 31 मई 2010 :  तीसरी बार मुख्यमंत्री बने.

- 1980, 1986, 1989, 1991, 1996, 2004, 2009 और 2014 : दुमका से लोकसभा सांसद चुने गए.

- 2020 :  राज्यसभा सांसद बने.

- 4 अगस्त 2025 : दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. 

गुरु जी काफी दिन से चल रहे थे बीमार 

बता दें कि शिबू सोरेन लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उनका इलाज दिल्ली के गंगा राम अस्पताल में चल रहा था. इससे पहले भी कई बार उनकी तबीयत खराब हुई थी. 

फरवरी 2025 :  शिबू सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी. उन्हें सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद पहले रांची के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बाद में एयर एम्बुलेंस के जरिए उन्हें दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया था. 

जून और जुलाई 2025 :  19 जून को फिर शिबू सोरेन को किडनी की समस्या और हल्के ब्रेन स्ट्रोक (पैरालिसिस अटैक) के कारण दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती किया गया. इस दौरान उनकी हालत में काफी उतार-चढ़ाव रहा और वे ICU में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में थे. 

उनकी सेहत में धीरे-धीरे सुधार देखा गया, लेकिन पूर्ण स्वस्थ होने में समय लगने की बात कही गई. इस दौरान कई बड़े नेता जैसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और नितिन गडकरी, उनका हालचाल लेने अस्पताल पहुंचे. शिबू सोरेन के अच्छे स्वास्थ्य को लेकर झारखंड में उनके समर्थकों और JMM कार्यकर्ताओं द्वारा प्रार्थना सभाएं और पूजा-अर्चना भी की गईं. 

अगस्त 2025 :  एक अगस्त को शिबू सोरेन की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया. उनकी स्थिति गंभीर बताई गई, लेकिन बाद में स्थिर होने की खबर आई. इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रांची में थे. लेकिन तबीयत खराब होने की सूचना के  बाद सीएम हेमंत सोरेन तुरंत दिल्ली रवाना हो गए.

जनवरी 2025 :  उनके जन्मदिन (11 जनवरी) के समय भी उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, जिसके कारण वे समर्थकों के बीच केक काटने में शामिल नहीं हो सके थे.

2019 :  लोकसभा चुनाव के दौरान भी शिबू सोरेन की तबीयत खराब होने की बात सामने आई थी. कुछ साल पहले भी सांस लेने में तकलीफ के कारण उन्हें रांची के मेदांता अस्पताल में भर्ती किया गया था.

 

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