Ranchi : JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांग्ते को सीआईडी ने गिरफ्तार कर लिया गया है. उनकी गिरफ्तारी जेपीएससी की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितता मामले को लेकर की गई है. उन पर कथित रुप से दो करोड़ रुपया लेकर टीडीपीएल कंपनी को परीक्षा आयोजन का जिम्मा देने का आरोप है. उन पर यह भी आरोप है कि उन्हें वसूली में से 20 प्रतिशत रुपया कमीशन के रुप में मिलता था. बताया जाता है कि नियुक्ति घोटाले के किंगपिन अभय तिवारी ने सीआईडी को दिये बयान में इसका उल्लेख किया है.
बता दें कि जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष ने 22 जुलाई को इस्तीफा दिया था. इससे बाद मामले की जांच कर रही सीआईडी ने उन्हें समन जारी कर 28 जुलाई को पूछताछ के लिए बुलाया था. पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से सीआईडी ने कई दौर की पूछताछ की थी. एल ख्यांग्ते राज्य के मुख्य सचिव रह चुके हैं.
पहले दिन CID ने एल. ख्यांग्ते से करीब 8 घंटे और दूसरे दिन लगभग 9 घंटे तक पूछताछ की थी. इसके बाद 31 जुलाई को तीसरी बार उनसे करीब 9 घंटे तक पूछताछ की गई थी. उल्लेखनीय है कि नौ अगस्त को जेपीएससी के तीनों सदस्यों ने भी इस्तीफा दे दिया है. उन्हें भी सीआईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया है.
सरकारी आवास व कार्यालय में छापेमारी
गौरतलब है कि नोटिस जारी करने से पहले CID ने कांके रोड स्थित एल. ख्यांग्ते के सरकारी आवास और JPSC कार्यालय में उनके कक्ष में छापेमारी की थी. करीब पांच घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की और आवश्यक साक्ष्य अपने कब्जे में लिए थे.
टीडीपीएल कार्यालय की भी हुई थी तलाशी
जांच के दौरान JPSC कार्यालय के साथ-साथ परीक्षा संचालन से जुड़ी निजी एजेंसी TSR Data Processing Private Limited (TDPL) के कार्यालय में भी तलाशी ली गई थी. CID ने JPSC कार्यालय से भर्ती परीक्षाओं से संबंधित दस्तावेज, OMR शीट और कंप्यूटरों से डिजिटल साक्ष्य जब्त किए थे. वहीं, TDPL कार्यालय से भी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड कब्जे में लिए गए.
इस मामले में CID अब तक JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें से पांच आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच जारी है.
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