Kiriburu / Badbil : चक्रधरपुर रेल मंडल के बांसपानी स्टेशन पर मंगलवार की रात स्थानीय ग्रामीणों ने जमकर बवाल काटा. आरपीएफ की पिटाई से एक ग्रामीण की मौत का आरोप लगाते हुए सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने स्टेशन और फिर आरपीएफ बैरक पर हमला बोल दिया. जमकर पथराव और आगजनी की गई. स्टेशन मास्टर कक्ष से लेकर पूरे स्टेशन में जमकर तोड़फोड़ की गई. हमले में चार आरपीएफ के जवान घायल हुए हैं, जिसमें एक की हालत गंभीर बनी हुई हैं. जोड़ा टाटा अस्पताल में घायलों का इलाज चल रहा है. घायल होने वाले आरपीएफ जवानों में राजू, समशेर, सब इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार शामिल हैं. [caption id="attachment_170392" align="aligncenter" width="300"]
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2021/10/baanspani-300x187.jpg"
alt="" width="300" height="187" /> बांसपानी स्टेशन के कक्ष में की गई तोड़फोड़.[/caption]
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2021/10/baans-300x176.jpg"
alt="" width="300" height="176" /> [wpse_comments_template]
alt="" width="300" height="187" /> बांसपानी स्टेशन के कक्ष में की गई तोड़फोड़.[/caption]
आरपीएफ बैरक पर भी ग्रामीणों ने बोला हमला
मिली जानकारी के अनुसार, बांसपानी के भोंजोहाटिंग निवासी लक्ष्मण पात्रो नामक 27 वर्षीय युवक को कोयला चोरी के आरोप में आरपीएफ द्वारा दो नम्बर रेलवे लाईन से लगभग रात्रि नौ बजे पकडा़ गया. उक्त युवक ने भागने की कोशिश की तभी आरपीएफ द्वारा डंडे से सिर पर प्रहार किया गया, जिससे उसकी घटनास्थल पर हीं मौत गई. इसकी सूचना मिलते ही भोंजोहाटिंग और कोयलाहाटिंग के आक्रोशित ग्रामीण शव लेकर स्टेशन के सामने पहुंच गए. जिसके बाद स्टेशन पर पथराव और तोड़फोड़ शुरू कर दी. स्टेशन पर उपद्रव करने के बाद ग्रामीण आरपीएफ बैरक की ओर चले गए और वहां पथराव शुरू कर दिया. जिसमें चार जवान घायल हो गए. अभी भी स्थिति भारी तनावपूर्ण है और हंगामा जारी है. उडी़सा पुलिस भी मौके पर पहुंच स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हुई है. वहीं दूसरी ओर, आरपीएफ सूत्रों के अनुसार कहा जा रहा है कि लक्ष्मण पात्रो ट्रैक पर गिरा हुआ था और उन्होंने उसे उसके घर पहुंचा दिया था. जिसके बाद उसकी मौत हो गई और ग्रामीणों ने आरपीएफ पर पिटाई का आरोप लगा दिया. गौरतलब है कि बांसपानी स्टेशन पर कोयला चोरी का खेल काफी पुराना है. इसमें रेलवे का संरक्षण भी हासिल है. आज इस स्थिति के लिए कहीं न कहीं रेल प्रशासन भी जिम्मेदार है.alt="" width="300" height="176" /> [wpse_comments_template]
Leave a Comment