Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

सदर अस्पताल में हंगामा, महिला ने डॉक्टर और नर्स पर जातिसूचक शब्द प्रयोग करने का लगाया आरोप

Ranchi : सदर अस्पताल के गाइनिकॉलजी विभाग में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ. हंगामा पिठोरिया से आयी महिला ने किया. जिसके बाद अस्पताल परिसर में कुछ वक्त के लिए अफरातफरी मच गयी. मिली जानकारी के मुताबिक फरहाद जबी नाम की महिला अपने स्वास्थ्य के जांच के लिए सदर अस्पताल पहुंची थी. जिसके साथ जातिसूचक शब्द का प्रयोग किया गया था. वहीं इस घटना के विरोध में दूसरी पाली में मेडिकल स्टाफ ने ओपीडी सेवा बाधित रखी. पढ़ें - पंजाब">https://lagatar.in/punjab-government-in-financial-crisis-no-money-to-pay-salaries-to-employees-need-1-thousand-crore-loan-from-rbi/">पंजाब

सरकार आर्थिक संकट में, कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे नहीं! RBI से 1 हजार करोड़ उधार चाहिए
इसे भी पढ़ें - इंग्लिश">https://lagatar.in/cpi-maoists-naxalites-are-learning-to-speak-english-in-jharkhand/">इंग्लिश

बोलना सीख रहे हैं झारखंड में भाकपा माओवादी के नक्सली

डॉक्टर ने जाति सूचक शब्द का प्रयोग करते हुए अभद्रता की

महिला ने बताया कि मैं पिठोरिया से इलाज करना आयी हूं, मैं अपनी समस्या बता रही थी जिसपर ड्यूटी में तैनात डॉक्टर झल्ला गयी. नर्स और डॉक्टर ने जाति सूचक शब्द का प्रयोग करते हुए अभद्रता किया. उन्होंने कहा कि विशेष समुदाय से होने के कारण हमारे साथ दुर्व्यवहार किया गया है. वहीं महिला के पति तैयब आलम ने कहा कि उसकी पत्नी अपनी पीड़ा बता रही थी. यहां इलाज के बजाए हमलोगों के साथ अभद्रता किया गया. इससे मन विचलित है. इसे भी पढ़ें - झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-food-security-scheme-out-of-5-lakh-increased-beneficiaries-166193-beneficiaries-of-all-six-districts-of-santhal-will-be-benefitted/">झारखंड

खाद्य सुरक्षा योजना : 5 लाख बढ़े लाभुकों में संथाल के सभी छह जिलों के 1,66,193 लाभुक होंगे लाभान्वित

अपने पति के साथ धरने पर बैठी महिला

वहीं घटना के बाद सदर अस्पताल नए भवन के मुख्य द्वार पर फरहाद जबी अपने पति तैयब आलम और 6 महीने की बच्ची के साथ धरने पर बैठ गई. हालांकि कुछ वक्त के बाद वो धरने पर से उठ गयी. इसी बीच समाज के कुछ लोग सदर अस्पताल पहुंच कर हंगामा करने लगे. खबर लिखे जाने तक अस्पताल के मेन गेट पर लोगों की भीड़ लगी हुई है.

डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा किया ठप

वहीं इस मामले पर सिविल सर्जन रांची डॉ विनोद कुमार ने कहा कि मैं इस घटना की निंदा करता हूं. आरोप लगाने वाले मरीज को लिखित में शिकायत करने के लिए कहा गया है. जांच के उपरांत नियम संगत कार्रवाई करेंगे. डॉ विनोद ने कहा कि यदि किसी भी कर्मचारी के साथ मारपीट किया जाएगा ऐसे में वे अपना बचाव करेंगे. इसी को देखते हुए फिलहाल ओपीडी सेवा को बंद कर दिया गया है. जिस वजह से करीब 400 मरीज इलाज से वंचित रहे. इसे भी पढ़ें - सेवानिवृत्त">https://lagatar.in/opportunity-for-retired-police-officers-to-become-investigative-specialist-in-nia/">सेवानिवृत्त

पुलिस अधिकारियों के लिए एनआईए में जांच विशेषज्ञ बनने का मौका
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही