New Delhi : BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने आयो रूस के विदेश मंत्री ने सर्गेई लावरोव ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव में भारत लंबे समय के लिए (लॉन्ग टर्म मेडिएटर) मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है.
सर्गेई लावरोव ने कहा कि वर्तमान में पाकिस्तान इस भूमिका में है, लेकिन अगर अमेरिका-ईरान को लंबे समय तक भरोसेमंद मध्यस्थ चाहिए तो यह भूमिका भारत की हो सकती है.
VIDEO | Russian Foreign Minister Sergey Lavrov said, “Currently, the most important thing is to put an end to this war and ensure that this ceasefire is turned into a final deal on ceasing all hostilities. But if we speak about the long term, we need a stabilising regional… pic.twitter.com/M9u5BzwLmE
— Press Trust of India (@PTI_News) May 15, 2026
इस क्रम में रूसी विदेश मंत्री ने भारत के कूटनीतिक अनुभव और संतुलित विदेश नीति की सराहना की. रूस का बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम भी साफ कह चुके हैं कि उन्हें पाकिस्तान की मध्यस्थता पर कतई भरोसा नहीं है.
अहम खबर यह है कि पूर्व में अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि पाकिस्तान ने युदध के दौरान ईरानी लड़ाकू विमानों को नूर खान एयरबेस पर पार्किंग की इजाजत दी थी, जिससे वे अमेरिकी-इजरायली हमलों से बच सके.
इन खबर के सामने आते ही अमेरिका में पाकिस्तान की नीयत और निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे. उधर ईरान में कुछ हलकों में पाकिस्तान पर अमेरिका के दबाव में काम करने के आरोप लगाये गये.
जानकारों ने ऐसे माहौल में सर्गेई लावरोव द्वारा भारत को अमेरिका-ईरान युद्ध में संभावित मध्यस्थ बताना अहम करार दिया. बता दें कि अब तक भारत ईरान-अमेरिका दोनों देशों के साथ संतुलित रिश्ते कायम रखे हुए हैं.
ध्यान देने वाली बात यह हैं कि BRICS बैठक में भारत ने खुद को संतुलित और जिम्मेदाराना ताकतवर देश के रूप में स्थापित किया है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बैठक में कहा कि स्थिरता चुनिंदा नहीं हो सकती और शांति टुकड़ों में नहीं लायी जा सकती. जयशंकर ने होर्मुज स्ट्रेट और रेड सी जैसे समुद्री रास्तों की सुरक्षा को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी करार दिया.
एक खबर और है कि BRICS बैठक में ईरान और UAE के बीच भी जोरदार बहस हुई. इसका खुलासा लावरोव ने किया. कहा कि भारत ने किसी एक पक्ष का खुलकर समर्थन नहीं किया, बल्कि कूटनीतिक संतुलन बना कर रखा.
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई यात्रा से पूर्व BRICS देशों के विदेश मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों से मुलाकात की. प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ब्रिक्स उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाने और ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को आवाज देने का महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है. इसके अलावा पीएम मोदी ने सर्गेई लावरोव से अलग से मुलाकात की.
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